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हाईकोर्ट : वायरल बुखार की रिपोर्ट पर एमडीए उपाध्यक्ष को राहत, 30 सितंबर को फिर होगी पेशी
Fri, 11 Sep 2026 04:19 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 11 Sep 2026 04:19 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वायरल बुखार की रिपोर्ट पर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना की व्यक्तिगत पेशी 30 सितंबर तक टाल दी है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वायरल बुखार की रिपोर्ट पर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना की व्यक्तिगत पेशी 30 सितंबर तक टाल दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वह 30 सितंबर को दोपहर दो बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होंगे। मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव अर्पित गुप्ता को अगली तारीख पर व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी गई है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने विजय कुमार सौरभ की याचिका पर दिया है। मेरठ विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना वेदव्यासपुरी सेक्टर-7ए, पाकेट-एनए में विजय कुमार सौरभ को आवासीय प्लॉट आवंटित किया गया था। बाद में प्राधिकरण ने आवंटित प्लाट को पाकेट-डी में स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद याची ने मांग की कि प्लाट स्थानांतरित किए जाने की तारीख से ही उससे किस्तों की वसूली की जाए। प्राधिकरण ने याची की इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
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विवाद को लेकर याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश दिया। इससे पहले उपाध्यक्ष ने बीमारी का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी। उनकी ओर से बीमारी का कारण बताए जाने पर प्राधिकरण के सचिव अर्पित गुप्ता अदालत में उपस्थित हुए।
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इस पर याची के अधिवक्ता ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उपाध्यक्ष बीमार नहीं हैं और कार्यालय में काम कर रहे हैं। आरोप की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने मेरठ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपाध्यक्ष के आवास पर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करने का आदेश दिया।