Prayagraj : घर के बजट को नियंत्रित करना और भी होगा मुश्किल, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर लोग हैरान
डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों ने शुक्रवार सुबह लोगों को हैरान कर दिया। पेट्रोल पंप पर पहुंचे वाहन चालकों को कर्मचारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे से पेट्रोल की कीमत में 2.85 रुपये, एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल और डीजल के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।
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डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों ने शुक्रवार सुबह लोगों को हैरान कर दिया। पेट्रोल पंप पर पहुंचे वाहन चालकों को कर्मचारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे से पेट्रोल की कीमत में 2.85 रुपये, एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल और डीजल के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। वहीं, लोगों ने कहा कि इससे घर के बजट को संभालना और भी मुश्किल हो जाएगा।
सुभाष चौराहा स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप के मैनेजर राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह छह बजे ही रेट बढ़ने की जानकारी हुई। यहां पहुंचे फाइनेंस कंपनी में सेल्स का काम करने वाले अजय गुप्ता ने बताया कि पहले पेट्रोल का खर्च महीने में करीब 3000 रुपये का आता था। अब यह 3500 रुपये हो जाएगा। यहीं पहुंचे अमित शर्मा ने बताया कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से घर के बजट को नियंत्रित करना और भी मुश्किल हो जाएगा।
वहीं, धोबीघाट स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पहुंचे करेली निवासी टेंपो चालक अजीज अहमद ने बताया कि मुंडेरा से इविवि के पास के विद्यालयों तक विद्यार्थियों को पहुंचने के लिए महीने में 2,000 रुपये लेते रहे हैं लेकिन अब इनके परिजनों से ज्यादा पैसे मांगने पड़ेंगे।
इसी पेट्रोल पंप पर बस लेकर पहुंचे परिचालक गुड्डू ने बताया कि बस धोबीघाट से प्रतापगढ़ के भिटारा तक चलती है। 200 किमी तक आने जाने में करीब 6,000 रुपये के डीजल खर्च होता है। डीजल का दाम बढ़ने से खर्च बढ़ेगा। यात्री कम आमदनी वाले होते हैं। ऐसे में ज्यादा किराया नहीं बढ़ा सकते। इसी पेट्रोल पंप पर पहुंचे अल्लापुर निवासी गोपाल जी मिश्रा ने कहा कि युद्ध से उपजे संकट की स्थिति में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ी है। हम सभी को इसे स्वीकार करना चाहिए।
कचहरी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे शांतिपुरम निवासी सुनील कुमार बताते हैं कि हर दिन की मजदूरी 600 रुपये मिलती है। अब हर सामान और महंगा हो जाएगा। ऐसे में बचत करना और भी कठिन होगा। मम्फोर्डगंज में फलों का व्यवसाय करने वाले रिंकू भारतीय ने बताया कि उन्हें होलागढ़ और मुंडेरा से फल लाने पड़ते हैं। परिवहन महंगा होगा तो उन्हें फलों के दाम भी बढ़ाने पड़ेंगे।
सोहबतियाबाग स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप पर पहुंचे झूंसी निवासी दूध कारोबारी रामसूरत यादव ने बताया कि वह झूंसी से बाइक के जरिये दूध लाकर शहर के कई इलाकों में लोगों तक पहुंचाते हैं। अभी 60-56 रुपये प्रति लीटर दे रहा हूं लेकिन यह महंगा हो सकता है। वहीं, सीएमपी महाविद्यालय के नजदीक स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे अभिषेक जायसवाल ने कहा कि लगातार महंगाई करते रहना ठीक नहीं है।
ईंधन----------पहले ---------- अब
पेट्रोल ---------- 94.77 रुपये ---------- 97.62 रुपये प्रति लीटर
एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल ---------- 103.23 रुपये ---------- 106.23 रुपये प्रति लीटर
डीजल ---------- 87.92 रुपये ---------- 90.92 रुपये प्रति लीटर
तेल की कीमतों ने भरी ऊंची उड़ान, अब थाली का स्वाद बिगाड़ेगा बढ़ा हुआ मालभाड़ा
तेल विपणन कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में की गई तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। इस वृद्धि का सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ेगा। इससे फल, सब्जी और अनाज जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतों में बड़े उछाल की आशंका गहरा गई है।
जानकारों का मानना है कि परिवहन लागत बढ़ने से थोक मंडियों से फुटकर बाजार तक पहुंचने वाला सामान महंगा बिकेगा। इसका सीधा असर मध्यमवर्गीय परिवारों की थाली पर पड़ेगा। शहर के प्रमुख ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के कारण अब पुराने भाड़े पर गाड़ियां चलाना संभव नहीं रह गया है।
मालभाड़े में होने वाली इस बढ़ोतरी का असर केवल भारी वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के भीतर माल सप्लाई करने वाले छोटे लोडर और टेंपो के रेट भी बढ़ जाएंगे। जब ढुलाई महंगी होती है, तो व्यापारी इसका बोझ सीधे तौर पर उपभोक्ताओं पर डालते हैं।
यही वजह है कि आने वाले एक-दो दिनों में ही मुंडेरा और अन्य प्रमुख मंडियों में पहुंचने वाले अनाज और बाहर से आने वाले फलों के दाम चढ़ सकते हैं। महंगाई की इस आहट ने गृहणियों के बजट को भी हिलाकर रख दिया है। पहले से ही उतार-चढ़ाव देख रहीं सब्जियों की कीमतें अब मालभाड़े के बहाने आसमान छूने की तैयारी में हैं।
आढ़ती सतीश कुशवाहा, सुरेंद्र कुशवाहा के मुताबिक, प्रयागराज में ज्यादातर खाद्यान्न और हरी सब्जियां बाहरी जिलों और राज्यों से आती हैं। ऐसे में डीजल का बढ़ा दाम सीधे तौर पर लागत बढ़ा देगा। अगर मालभाड़ा बढ़ता रहा तो दाल, चावल और तेल जैसी अनिवार्य वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आना तय है।
एक हजार रुपये से ज्यादा बढ़ जाएगा दिल्ली से प्रयागराज का मालभाड़ा
मालभाड़े के गणित को समझें तो दिल्ली से प्रयागराज की दूरी तय करने में एक ट्रक को औसतन 300 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है। डीजल के दाम में तीन रुपये की वृद्धि के बाद अब प्रति चक्कर नौ सौ रुपये का अतिरिक्त बोझ ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। इसके अलावा पिछले दिनों टोल टैक्स की दरों में हुई बढ़ोतरी ने भी आग में घी डालने का काम किया है। परिवहन संगठनों का साफ कहना है कि लागत में इतनी बड़ी वृद्धि के बाद अब पुराना भाड़ा बरकरार रखना नामुमकिन है। ऐसे में सिर्फ दिल्ली से प्रयागराज का ही मालभाड़ा एक हजार रुपये से अधिक बढ़ने की संभावना है।
डीजल का दाम बढ़ गया है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों के पास मालभाड़ा बढ़ाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। सरकार के रुख से लग रहा है कि अभी दाम और बढ़ेगा। हो सकता है मालभाड़ा 15 से 20 फीसदी बढ़ जाए। - अनिल कुशवाहा, अध्यक्ष, इलाहाबाद गुड्स ट्रांसपोर्ट एंड मोटर वेलफेयर एसोसिएशन
पिछले दिनों ही सरकार ने टोल टैक्स बढ़ाया है। अब डीजल के दाम भी बढ़ा दिए। हम ट्रांसपोर्टरों के पास अब मालभाड़ा बढ़ाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। एक-दो दिन में मालभाड़ा बढ़ जाएगा। - अनीष जायसवाल, ट्रांसपोर्टर
वैश्विक संकट के चलते ही सरकार ने डीजल के दाम में बढ़ोतरी की है। हो सकता है कि अभी डीजल के दाम और बढ़ें। हमारा संगठन इस पर नजर रख रहा है, लेकिन मालभाड़ा बढ़ना तय है। - कुलदीप मिश्रा, ट्रांसपोर्टर
पिछले कई वर्ष से सरकार ने डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। इस बार कुछ मजबूरी जरूर रही होगी। संकट की घड़ी में हम देश के साथ हैं। मालभाड़े को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। - परमानंद तिवारी, अध्यक्ष, ऑल इंडिया ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन
कांग्रेस नेताओं ने की पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की निंदा
शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की निंदा की है। शहर अध्यक्ष फुज़ैल हाशमी की अध्यक्षता में चौक स्थित पार्टी कार्यालय में शुक्रवार दोपहर बैठक भी हुई। उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम में बढ़ोतरी होने से इसका असर परिवहन खर्च, माल ढुलाई, राशन, सब्जियों और रोजमर्रा के समानों पर पड़ेगा। बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, कोऑर्डिनेटर हरिकेश त्रिपाठी, मुकुंद तिवारी, परवेज सिद्दीकी, मानस शुक्ला, अफरोज़ अहमद, अनूप त्रिपाठी और प्रवक्ता शाहनवाज कुरैशी आदि मौजूद रहे।
ईंधन की खपत को कम करने के लिए नगर निगम खरीदेगा 100 ई-वाहन
ईंधन संकट को देखते हुए नगर निगम जल्द ही अपने बेड़े में 100 ई-वाहन को शामिल करेगा। इससे पेट्रोल-डीजल की खपत में राहत मिलेगी। वर्तमान में नगर निगम ने कूड़ा उठाने, डंपिंग यार्ड और शहर की साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों के लिए 1200 वाहन लगाए हैं। इससे प्रतिदिन लगभग 1000 लीटर डीजल की खपत होती है। इसे देखते हुए नगर निगम 100 ई-वाहनों को अपने खेमे में शामिल करने का फैसला किया है। पहले फेज में 25 ई-वाहनों को खरीदा जाएगा और अन्य वाहनों को जल्द ही शामिल किया जाएगा।
पीएम की अपील पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनाई बाइक व साइकिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने, पर्यावरण संरक्षण व स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील पर भाजपा कार्यकर्ता बाइक, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता कार का उपयोग छोड़कर अपनी बाइक से कार्यालय आ-जा रहे हैं। साथ ही जिला उपाध्यक्ष, महामंत्री, मीडिया प्रभारी, जिला मंत्री आदि पदाधिकारी भी दो पहिया वाहन से संगठन के काम कर रहे हैं। जिला उपाध्यक्ष आनंद सोनकर, प्रमोद मोदी, आनंद श्रीवास्तव, महामंत्री डॉ. शैलेश पांडेय, विजय श्रीवास्तव, जिला मंत्री दीप द्विवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने लोगों से सप्ताह में एक दिन बाइक और एक दिन साइकिल का उपयोग करने की अपील की है।