ममता हुई शर्मशार : कौशाम्बी में मां ने समधी के साथ मिलकर बेटे को मरवाई गोली, इलाज के दौरान मौत
कौशाम्बी के सरायअकिल थाना क्षेत्र से ममता को शर्मशार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक मां ने अपने सगे बेटे को साजिश के तहत घर पर बुलाकर अपने प्रेमी से गोली मरवा दी, जहां बेटे ने चार दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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कौशाम्बी के सरायअकिल थाना क्षेत्र से ममता को शर्मशार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक मां ने अपने सगे बेटे को साजिश के तहत घर पर बुलाकर अपने प्रेमी से गोली मरवा दी, जहां बेटे ने चार दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बड़े भाई ने बताया कि आठ साल पहले उसके भाई ने आरोपी की बेटी के साथ प्रेम विवाह किया था, तभी से दोनों रायपुर में रह रहे थे। कौशाम्बी के सरायअकिल थाने के ऐगवां निवासी अंजनी तिवारी के चार बेटे व एक बेटी के बीच में सूरज तिवारी (23) उनका दूसरे नंबर का बेटा था।
बड़े भाई नीरज तिवारी ने बताया कि करीब आठ साल पहले उनका भाई पड़ोस के रहने वाले कामता प्रसाद तिवारी की बेटी प्रियंका के साथ प्रेम विवाह किया था। उधर लड़की के पिता प्रेम विवाह के खिलाफ थे। वह आए दिन उनके भाई को जान से मारने के लिए ललकारते रहते थे। इस डर की वजह से उनका भाई अपनी पत्नी के साथ रायपुर में रहकर प्राइवेट नौकरी कर गुजर बसर करने लगा। आठ साल तक वह घर पर नहीं आया था। उसका एक पांच साल का बेटा भी है।
भाई ने बताया कि सूरज होली की वजह से घर पर अकेले आया था। तीन चार दिन तक रिश्तेदारों के यहां रुका हुआ था। आरोप है कि उसकी मां ने बुधवार शाम को साजिश के तहत भाई को घर पर बुलाई थी। भाई घर पहुंचकर मां का पैर छू कर उठा ही था कि तभी आरोपी कामता प्रसाद अपनी लाइसेंसी बंदूक से भाई पर ताबड़तोड फायरिंग कर दिया, जिसमें भाई के पेट में दो गोली लगी और आरपार हो गई। इसके बाद उनकी मां और आरोपी वहां से फरार हो गए।
गोली की आवाज सुनकर परिवार समेत पड़ोस के लोग पहुंचे तो उनका भाई खून से लथपथ जमीन पर तड़प रहा था। उसके बाद उसे कौशाम्बी जिला अस्पताल भिजया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां, घटना के चार दिन बाद शनिवार देर रात उनके भाई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
बेटे ने कहा, 12 साल से उसकी मां आरोपी के साथ रह रही थी
नीरज ने बताया कि उसकी मां 12 साल पहले आरोपी कामता प्रसाद के साथ रहने लगी थी। इसकी वजह से उनके पिता की मानसिक स्थित खराब हो गई। मां के जाने के बाद वह अपने दो भाई और एक बहन को लेकर पंजाब में रहने लगा। पिता घर पर अकेले रहते थे। उन्हें नहीं पता था कि उनकी सगी मां अपने ही बेटे को साजिश के तहत मरवा देगी। उधर, रविवार शाम को वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम किया। उसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को अपने साथ लेकर चले गए।