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Prayagraj News: 400 करोड़ ठगी का मुख्य आरोपी अभिषेक करनाल से गिरफ्तार
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प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम पर 400 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। फरार चल रहे निहारिका वेंचर्स एंड डेवलपर्स के एमडी अभिषेक द्विवेदी को पुलिस ने करनाल के मान काॅलोनी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अपने घर में पनाह देने वाले टीकम चंद उर्फ प्रीतम नाथ को भी पुलिस ने पकड़ा हैै। रविवार को दोनों को प्रयागराज लाकर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सिविल लाइंस स्थित निहारिका वेंचर्स लोगों को रियल एस्टेट और शेयर बाजार में पांच से छह फीसदी मुनाफे का लालच देकर मोटी रकम निवेश करवाती थी। निवेशकों की शिकायत पर शिवकुटी थाना पुलिस ने छह जून को आरोपियों पर केस दर्ज किया था। तब से आरोपी पत्नी के साथ फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गईं थीं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अभिषेक को पनाह देने वाले टिकम चंद को नाेएडा से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह मूलरूप से बलिया के हल्दीराम पुर गांव का रहने वाला है। वह तांत्रिक के साथ-साथ रियल एस्टेट का काम करता है। उसने अभिषेक को करनाल स्थित अपने घर में छिपने की जगह दी है। शनिवार को पुलिस करनाल पहुंची और अभिषेक को धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि वह करीब एक महीने से यहां था।
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400 करोड़ ठगने की बात झूठी है...
पुलिस पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि वह प्राॅपर्टी-शेयर में लोगों के पैसे जरूर निवेश करवाता था। लेकिन अबतक उसने सिर्फ 30 से 40 करोड़ रुपये ही लोगों से निवेश करवाया है। इसमें से वह करीब 90 फीसदी निवेशकाें के पैसे लाैटा चुका है। कई ऐसे निवेशक भी हैं, जिनका पूरा पैसा वापस लाैटा दिया गया था। बावजूद वे लोग और पैसा देने का दबाव बना रहे थे। 400 करोड़ ठगने की बात पूरी तरह से झूठी है।
निहारिका अब भी फरार
अभिषेक ने कहा कि उसे नहीं मालूम की निहारिका कहां है। पिछले करीब डेढ़ महीने से उसका कुछ अता पता नहीं है। बता दें कि ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सबसे पहले अभिषेक द्विवेदी के पिता ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया। इसके बाद निहारिका की मां निरुपमा और फिर बाद ड्राइवर शैलेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं, मामले में पुलिस को अब भी निहारिका की तलाश है। एसीपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि निहारिका को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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सिविल लाइंस स्थित निहारिका वेंचर्स लोगों को रियल एस्टेट और शेयर बाजार में पांच से छह फीसदी मुनाफे का लालच देकर मोटी रकम निवेश करवाती थी। निवेशकों की शिकायत पर शिवकुटी थाना पुलिस ने छह जून को आरोपियों पर केस दर्ज किया था। तब से आरोपी पत्नी के साथ फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गईं थीं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अभिषेक को पनाह देने वाले टिकम चंद को नाेएडा से गिरफ्तार किया।
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पूछताछ में उसने बताया कि वह मूलरूप से बलिया के हल्दीराम पुर गांव का रहने वाला है। वह तांत्रिक के साथ-साथ रियल एस्टेट का काम करता है। उसने अभिषेक को करनाल स्थित अपने घर में छिपने की जगह दी है। शनिवार को पुलिस करनाल पहुंची और अभिषेक को धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि वह करीब एक महीने से यहां था।
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400 करोड़ ठगने की बात झूठी है...
पुलिस पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि वह प्राॅपर्टी-शेयर में लोगों के पैसे जरूर निवेश करवाता था। लेकिन अबतक उसने सिर्फ 30 से 40 करोड़ रुपये ही लोगों से निवेश करवाया है। इसमें से वह करीब 90 फीसदी निवेशकाें के पैसे लाैटा चुका है। कई ऐसे निवेशक भी हैं, जिनका पूरा पैसा वापस लाैटा दिया गया था। बावजूद वे लोग और पैसा देने का दबाव बना रहे थे। 400 करोड़ ठगने की बात पूरी तरह से झूठी है।
निहारिका अब भी फरार
अभिषेक ने कहा कि उसे नहीं मालूम की निहारिका कहां है। पिछले करीब डेढ़ महीने से उसका कुछ अता पता नहीं है। बता दें कि ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सबसे पहले अभिषेक द्विवेदी के पिता ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया। इसके बाद निहारिका की मां निरुपमा और फिर बाद ड्राइवर शैलेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं, मामले में पुलिस को अब भी निहारिका की तलाश है। एसीपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि निहारिका को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।