नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए आनंद गिरि समेत तीनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड की अवधि सोमवार को खत्म हो गई। जिसके बाद उन्हें शाम को जेल वापस भेज दिया गया। सीबीआई की टीम कड़ी सुरक्षा में तीनों को लेकर नैनी जेल पहुंची, जहां मेडिकल के बाद उनका दाखिला कराया गया।
महंत नरेंद्र गिरि केस : सात दिन की रिमांड खत्म, आनंद गिरि समेत तीनों आरोपी भेजे गए जेल
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सोमवार शाम 3.50 मिनट पर सीबीआई की टीम तीनों आरोपियों को लेकर नैनी जेल पहुंची। तीनों को वज्र वाहन से कड़ी सुरक्षा के बीच जेल पहुंचाया गया। इसके बाद टीम तीनों को लेकर जेल के भीतर गई।
जहां उनका मेडिकल किया गया। 4.30 बजे के करीब तीनों आरोपियों को जेल में दाखिला कराकर सीबीआई के अफसर वापस लौट गए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि रिमांड अवधि खत्म होने से पहले ही सीबीआई की टीम ने तीनों आरोपियों को जेल में दाखिल करा दिया। उन्हें जेल मैन्युअल के हिसाब से रखा गया है।
हाई सिक्योरिटी सेल में रखे गए
आनंद गिरि के साथ ही आद्या तिवारी व उसके बेटे संदीप तिवारी, तीनों को जेल की हाईसिक्योरिटी सेल में रखा गया है। तीनों को अलग-अलग सेल में निरुद्ध किया गया है। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में अर्जी देकर आशंका जताई थी कि उनके मुवक्किल पर हमला किया जा सकता है। उनकी मांग पर ही कोर्ट ने उचित सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था। इसी के तहत तीनों को हाईसिक्योरिटी सेल में रखा गया है। साथ ही सुरक्षा के लिए अलग से सिपाहियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
सीबीआई ने नहीं करने दी बात
वापस जेल में पहुंचाने के दौरान सीबीआई टीम ने आरोपियों को किसी से बात नहीं करने दी। सबसे पहले आद्या तिवारी को प्रिजन वैन से नीचे उतारा गया और इसके बाद उसके बेटे को जेल गेट पर ले जाया गया। सबसे आखिर में आनंद गिरि को गाड़ी से नीचे उतारा गया। वह किसी से बात नहीं कर सके, इसके लिए प्रिजन वैन को जेल के मुख्य द्वार के पास तक ले जाया गया। इसके बाद आनंद गिरि के गाड़ी से उतरते ही सीबीआई की टीम तीनों को लेकर जेल के भीतर चली गई। इससे पहले तीनों आरोपियों के पहुंचने से पहले ही जेल के बाहरी और भीतरी गेट पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी।
जेल के भीतर प्रवेश करने के दौरान एक बार फिर से आनंद गिरि पूरी तरह निश्चिंत नजर आया। प्रत्यक्षदर्शी सूत्रों का कहना है कि उसके चेहरे पर किसी तरह के परेशानी के भाव नहीं दिखे। भीतर जाने से पहले उसने एक बार फिर से अंगूठा दिखाकर मीडिया की तरफ इशारा किया। मानो वह यह संदेश देना चाह रहा हो कि उसे पूरा विश्वास है कि वह जांच में निर्दोष साबित होगा। उधर, आनंद गिरि के अधिवक्ता विजय द्विवेदी का कहना है कि सीबीआई की जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।