जानिए कौन है आद्या तिवारी: लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी की भूमिका निभाने वाले इस शख्स का नैनी में है आलीशान मकान
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद मिले कथित सुसाइड नोट में आरोपी बने संगम तट पर स्थित बड़े हनुमान (लेटे हनुमानजी) मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी का नैनी के अरैल स्थित शिव नगर मोहल्ले में भी एक आलीशान बंगला है। करीब तीन बिस्वा भूमि पर बने इस भव्य बंगले में सभी आधुनिक सुख सुविधाएं मौजूद हैं। उसका पूरा परिवार यहीं पर रहता है। इसके अलावा गांव में पुश्तैनी मकान भी है। साथ ही कई बीघे खेत भी है।
प्रयागराज में करछना तहसील इलाके के कौधियारा थाना क्षेत्र के दीवान के पूरा गांव का मूल निवासी आद्या प्रसाद तिवारी करीब 18 साल पहले महंत नरेंद्र गिरि के संपर्क में आया था। इसके बाद महंत ने इसे मंदिर का मुख्य पुजारी बना दिया था। धीरे-धीरे आद्या प्रसाद तिवारी ने अपने बच्चों को भी मंदिर से जोड़ना शुरू कर दिया और देखते ही देखते अच्छा खासा कारोबार शुरू कर दिया। महंत को विश्वास में लेने के बाद उसने मंदिर के दो दुकानों को किराए पर ले लिया। एक दुकान में बड़े बेटे राजेश तिवारी को फूल माला और दूसरे दुकान में छोटे बेटे संदीप तिवारी को प्रसाद का दुकान करा दिया। इन दोनों दुकानों की महीने की अच्छी खासी आमदनी थी।
आनंद गिरि से विवाद के बाद महंत ने कर दिया था बेदखल
कुछ महीने पहले आनंद गिरि से विवाद के बाद महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि के साथ ही उसके विश्वासपात्र माने जाने वाले आद्या प्रसाद तिवारी को भी मंदिर के मुख्य पुजारी पद से बेदखल कर दिया था। साथ ही उसकी दुकानों का एग्रीमेंट भी निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। महंत का आरोप था कि आद्या तिवारी और उसके बेटे आनंद तिवारी के खासमखास और बेहद करीबी विश्वासपात्र हैं। वह मंदिर की गतिविधियों और महाराज नरेंद्र गिरि से जुड़े मामलों की जानकारी हरिद्वार में बैठे आनंद गिरि को पहुंचाते हैं।
संदीप तिवारी के पास है 30 लाख रुपये की कार
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी संदीप तिवारी पुत्र आद्या प्रसाद तिवारी की आलीशान लाइफ को देखकर पुलिस भी दंग हैं। उसके पास महंगे मोबाइल और करीब 30 लाख रुपये कीमत की लक्जरी कार है। आठ से दस हजार रुपये प्रति माह कमाने वाले व्यक्ति की लाइफ इतनी एशो आराम वाली है यह कल्पना नहीं की जा सकती। वह नैनी वाले मकान में परिवार के साथ रहता है। उसकी लेटे हनुमानजी मंदिर परिसर में मालाफूल की दुकान है। इसके अलावा मंदिर से भी उसे कुछ रुपये बतौर सेवादार मिलते हैं। उसके पास मिले मोबाइल नंबरों की भी पुलिस पड़ताल करा रही है। उसके द्वारा सूचनाओं के आदान प्रदान को खंगाला जा रहा है। फिलहाल उसे नैनी जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है.