Mahakumbh : पांटून पुल बंद करने पर फू्टा श्रद्धालुओं का गुस्सा, एसडीएम की गाड़ी में तोड़फोड़
महाकुंभ मेले में सोमवार को पैदल श्रद्धालुओं के लिए पांटून पुल बंद करने पर श्रद्धालु उग्र हो गए। स्नान करने के लिए श्रद्धालु झूंसी से संगम की ओर से आना चाहते थे लेकिन सभी 30 पुलों को प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देकर बंद कर दिया।
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महाकुंभ नगर में पांटून पुल और अन्य मार्ग रोके जाने से नाराज स्नानार्थियों ने एसडीएम की गाड़ी पर गुस्सा उतरा और तोड़फोड़ की। हालांकि, इस दौरान एसडीएम गाड़ी में मौजूद नहीं रहे। अन्यथा, उन्हें भी लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता था। महाकुंभ नगर में दिन में ज्यादातर पांटून पुल बंद रहे। रात में मुख्यमंत्री के बमरौली एयरपोर्ट से दोबारा लौटने पर सभी पांटून पुल दोबारा बंद कर दिए गए। चूंकि, मुख्यमंत्री सतपाल महाराज के शिविर में मौजूद थे। ऐसे में रात में सेक्टर 18 की तरफ जाने वाले पांटून पुल से भी आवागमन रोक दिया गया।
मुश्किल यह कि लोगों को बताया जाता रहा कि आगे का पुल खुला है और वहां से जाएं लेकिन दूसरे पांटून पुल पर पहुंचने पर भी यही जवाब मिला। इस तरह से रात में फिर पांटून पुल बंद होने और इस तरह से भटकाए जाने से करीब नौ बजे उनका गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने एसडीएम की गाड़ी पर धावा बोल दिया गया। लोग एसडीएम को भी ढूंढ़ रहे थे। हालांकि, एसडीएम पहले से ही गाड़ी से हटकर कहीं दूर चले गए थे। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने स्नानार्थियों को नियंत्रित किया।
अदालत जाते वक्त रोके जाने पर भड़के वकील, बोले- वीआईपी दौरे से बढ़ीं मुश्किलें
मौनी अमावस्या से पहले महाकुंभ में उमड़ी स्नानार्थियों की भीड़ और वीआईपी दौरों के कारण सोमवार को वकीलों को अदालत पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इससे भड़के वकीलों की जगह-जगह पुलिसकर्मियों से झड़प भी हुई। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में 28 से 30 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
हाईकोर्ट के महानिबंधक राजीव भारती ने बताया कि अवकाश घोषित दिनों के एवज में 17 मई और 23 अगस्त 2025 को कार्य दिवस घोषित किया गया है। जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री दिनेश चंद्र पांडेय ने बताया कि जिला अदालत में भी 28 व 29 जनवरी को अवकाश रहेगा।
उधर, हाइकोर्ट जा रहे अधिवक्ताओं को पुलिस की ओर से जगह जगह रोके जाने से नाराज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने इस अव्यवस्था के लिए मेले में हर दिन आ रहे मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि वकीलों को न रोके जाने का आदेश देने के बावजूद अदालत जा रहे अधिवक्ताओं को रोकना प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ करवाई करने की मांग की है।