फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahakumbh: Committee formed to test the quality of sleeper, committee of experts will go to Chhattisgarh

Mahakumbh : साल स्लीपर की गुणवत्ता परखने के लिए कमेटी गठित, विशेषज्ञों की कमेटी आज जाएगी छत्तीसगढ़

Mon, 29 Jul 2024 05:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 29 Jul 2024 05:23 PM IST
सार

साल स्लीपर और साल एजिंग की आपूर्ति के अनुबंध पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। चार हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसने वाली तंबुओं की नगरी में प्रवेश के लिए गंगा पर 30 पांटून पुलों का निर्माण होना है। इसके लिए 80,000 साल स्लीपर और आठ हजार साल एजिंग की आपूर्ति होनी है।

विज्ञापन
Mahakumbh: Committee formed to test the quality of sleeper, committee of experts will go to Chhattisgarh
पांटून पुल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ में गंगा पर बनने वाले पांटून पुलों के लिए साल स्लीपर की आपूर्ति से पहले गुणवत्ता परखी जाएगी। वन निगम और पीडब्ल्यूडी के विशेषज्ञों की 17-17 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। खींचतान की वजह से अब तक साल स्लीपर की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। साल स्लीपर और साल एजिंग की आपूर्ति के अनुबंध पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। चार हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसने वाली तंबुओं की नगरी में प्रवेश के लिए गंगा पर 30 पांटून पुलों का निर्माण होना है। इसके लिए 80,000 साल स्लीपर और आठ हजार साल एजिंग की आपूर्ति होनी है।

विज्ञापन


पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता एके द्विवेदी के मुताबिक टेंडर में हिस्सा लेने वाली एल-वन दरों वाली पांच फर्मों के नाम अनुबंध कर नियमानुसार वर्क आर्डर जारी किया गया है। न्यूनतम दरों पर टेंडर डालने वाली फर्मों से साल स्लीपर की आपूर्ति में 45 करोड़ रुपये का विभागीय फायदा होने का अनुमान है। स्लीपर की गुणवत्ता के परीक्षण के लिए विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर रायपुर के लिए रवाना कर दी गई है।
विज्ञापन


स्लीपर की गुणवत्ता परखने के बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी। हालांकि साल स्लीपर की आपूर्ति की कवायद बीती जनवरी में ही शुरू हो गई थी, लेकिन तब तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति के बिना 99 करोड़ रुपये के आर्डर को न सिर्फ निरस्त किया गया, बल्कि अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद नए सिरे से टेंडर कमेटी गठित कर प्रक्रिया शुरू कराई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार भी टेंडर नियमों की अनदेखी की शिकायत बंगाल वुड एंड एलाइड प्रोडक्ट्स की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी और मेलाधिकारी से की गई। इसमें टेंडर नियमों में बदलाव करने के साथ ही प्रक्रिया में मनमानी कर छत्तीसगढ़ की अनुभवहीन फर्मों को टेंडर में शामिल करने का आरोप लगाया गया।

इसी दौरान रायपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी की ओर से महाकुंभ के टेंडर में हिस्सा लेने वाली रायपुर की फर्मों के भंडारण की जांच कराई गई तो चौंकाने वाली जानकारी मिली थी। वन परिक्षेत्र अधिकारी की जांच रिपोर्ट में कहा गया कि जिन फर्मों ने टेंडर में प्रतिभाग किया है, उनकी ओर से सालवुड के भंडारण का प्रस्तुत किया गया हलफनामा झूठा है। उनके पास आपूर्ति के लिए पर्याप्त भंडारण न होने की रिपोर्ट रायपुर के वनाधिकारी की ओर से दी गई थी।
कोट

कुल 80 हजार साल स्लीपर की महाकुंभ के लिए आवश्यकता है। जिन कंपनियों को वर्क आर्डर दिया गया है, उन्होंने 22 हजार साल स्लीपर तैयार होने की जानकारी दी है। इसकी गुणवत्ता जांचने के लिए कमेटी बनाकर भेजी गई है। हफ्ते भर बाद एसई और एक्सईएन की टीम भी रायपुर भेजी जाएगी। - एके द्विवेदी, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed