फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahakumbh becomes the world's largest human gathering, IIT Kanpur is studying crowd management

Mahakumbh : महाकुंभ बना दुनिया का सबसे बड़ा मानव समागम, आईआईटी कानपुर कर रहा भीड़ प्रबंधन पर अध्ययन

Thu, 20 Feb 2025 12:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Feb 2025 12:20 PM IST
सार

सरकार के साथ अब आईआईटी कानपुर के अध्ययन में भी संगम पर बसे महाकुंभ को विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक समागम बताया गया है। 39 दिन में यहां 56 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाकर आस्था-विश्वास और प्रेम की अद्भुत मिसाल पेश कर चुके हैं।

विज्ञापन
Mahakumbh becomes the world's largest human gathering, IIT Kanpur is studying crowd management
कलश यात्रा के साथ बुन्देलखण्ड के महाकुंभ का आगाज, 22 से 25 तक दीदी मां के प्रवचन, श्री अन्नपूर्

विस्तार

सरकार के साथ अब आईआईटी कानपुर के अध्ययन में भी संगम पर बसे महाकुंभ को विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक समागम बताया गया है। 39 दिन में यहां 56 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाकर आस्था-विश्वास और प्रेम की अद्भुत मिसाल पेश कर चुके हैं। चीन को छोड़ दें तो इतनी किसी देश की आबादी भी नहीं है।

विज्ञापन

इन विशेषज्ञों का मानना है कि श्रद्धालु यहां आस्था की डुबकी लगाने के साथ ही संतों, नागा संन्यासियों का आशीर्वाद लेने और जीवन की संकल्पित आध्यात्मिक तीर्थ यात्रा पूरी करने के लिए यहां सपरिवार पहुंच रहे हैं। यह समागम अविस्मरणीय अनुभव देने वाला बन गया है।

विज्ञापन


इस जनज्वार के उमड़ने की खास वजह विशेष योग की चर्चा तो है ही, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और विश्व स्तरीय डिजिटल सुविधाओं के कारण भी दुनिया भर से लोग महाकुंभ की अनुभूति करने आ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

आईआईटी के अध्ययन के मुताबिक, यह महाकुंभ श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन की सीख भी दे रहा है। 56 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे मानव इतिहास का सबसे बड़ा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन बना दिया है।

विशेष स्नान पर्वों में सबसे अधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या के दिन त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया था। मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ और माघी पूर्णिमा के दिन भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बंगलूरू के एक अध्ययन के अनुसार करीब दो दशक पहले 2001 में प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले में पांच करोड़ संत-भक्त शामिल हुए थे। यह संख्या 2013 में बढ़कर 12 करोड़ हो गई थी।

पिछले तीन कुंभ मेलों का क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

2025 -4,000

2001 -1,495

2013 -1,537

इतिहास में इतने बड़े मानव समागम का विश्व भर में कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं है। सौ वर्षों के महाकुंभ और ऐसे तमाम बड़े वैश्विक आयोजनों की तुलना में भी यह सबसे बड़ा है। महाकुंभ के बाद मानव समागम और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी यह रिपोर्ट शासन को देंगे। - प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक-आईआईटी कानपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed