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मजिस्ट्रेट, पुलिस मिले तो हो ध्वस्तीकरण
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 01 Jun 2015 01:27 AM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद विकास प्राधिकरण चाह कर भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इसका बड़ा कारण है, तय तिथि पर मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स न उपलब्ध होना। कार्रवाई न होने का ही नतीजा है कि प्रदेश में शायद इलाहाबाद में ही सबसे ज्यादा अवैध निर्माण हैं। अब एडीए उपाध्यक्ष ने कमिश्नर को पत्र लिखकर डीएम और एसएसपी के साथ बैठक करने और मजिस्ट्रेट एवं पुलिस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा है।
इलाहाबाद का शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण इलाका, अवैध निर्माण बड़ी संख्या में हो चुके हैं या जारी हैं। हालांकि एडीए ने बड़ी संख्या में अवैध निर्माण सील किए हैं, लेकिन उन्हें गिराना मुश्किल हो रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण है मजिस्ट्रेट और पुलिस का न उपलब्ध होना। दरअसल एडीए जब भी ध्वस्तीकरण की योजना बनाता है, उसकी सूचना डीएम और एसएसपी को दी जाती है ताकि मजिस्ट्रेट और पुलिस उपलब्ध हो सके। संबंधित थाने को भी दी जाती है। कई मौकों पर पुलिस तो उपलब्ध हो जाती है लेकिन मजिस्ट्रेट के न होने से एडीए के लिए कार्रवाई करना मुश्किल होता है।
ऐसे में एडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कमिश्नर बीके सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते समय अक्सर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी स्थिति में पर्याप्त पुलिस बल, पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट के रहने पर अभियान या तो स्थगित हो जाता है या फिर असफल हो जाता है। उन्होंने कमिश्नर के अनुरोध किया है कि डीएम और एसएसपी के साथ बैठक करने और मजिस्ट्रेट और पुलिस की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं, ताकि अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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इलाहाबाद का शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण इलाका, अवैध निर्माण बड़ी संख्या में हो चुके हैं या जारी हैं। हालांकि एडीए ने बड़ी संख्या में अवैध निर्माण सील किए हैं, लेकिन उन्हें गिराना मुश्किल हो रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण है मजिस्ट्रेट और पुलिस का न उपलब्ध होना। दरअसल एडीए जब भी ध्वस्तीकरण की योजना बनाता है, उसकी सूचना डीएम और एसएसपी को दी जाती है ताकि मजिस्ट्रेट और पुलिस उपलब्ध हो सके। संबंधित थाने को भी दी जाती है। कई मौकों पर पुलिस तो उपलब्ध हो जाती है लेकिन मजिस्ट्रेट के न होने से एडीए के लिए कार्रवाई करना मुश्किल होता है।
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ऐसे में एडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कमिश्नर बीके सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते समय अक्सर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी स्थिति में पर्याप्त पुलिस बल, पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट के रहने पर अभियान या तो स्थगित हो जाता है या फिर असफल हो जाता है। उन्होंने कमिश्नर के अनुरोध किया है कि डीएम और एसएसपी के साथ बैठक करने और मजिस्ट्रेट और पुलिस की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं, ताकि अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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