Magh Mela : पौष पूर्णिमा पर जाने के लिए वाहनों का मार्ग निर्धारित, आज रात से लागू हो जाएगा डायवर्जन
माघ के पहले स्नान के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जनपद सहित गैर जनपद से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए वाहनों का रूट डायवर्जन कर दिया गया है। इसका पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। बुधवार रात से ही डायवर्जन लागू हो जाएगा।
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माघ मेले के दूसरे मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस की ओर से तैयारियां कर ली गईं हैं। माघ का पहला स्नान होने के चलते इस दिन कल्पवासियों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए उनके आगमन के मार्ग को लेकर डायवर्जन लागू किया गया है।
इसके तहत अलग-अलग दिशाओं से आने वाले कल्पवासियाें का मेला क्षेत्र में प्रवेश का मार्ग अलग-अलग रखा गया है। दरअसल, पौष पूर्णिमा माघ मास का पहला स्नान पर्व है और इसके साथ ही माह भर चलने वाले कल्पवास की शुरुआत होगी। ऐसे में पौष पूर्णिमा पर न सिर्फ कल्पवासी बल्कि बड़ी संख्या में उनके परिजन भी शिविरों में पहुंचेंगे। प्रमुख साधु संताें का आगमन भी पौष पूर्णिमा पर ही होगा।
ऐसे में मेला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। यह चुनौती और भी बड़ी इसलिए है क्योंकि बड़ी संख्या में कल्पवासी अपने शिविरों तक पांटूल पुलों के रास्ते भी होकर जाएंगे। ऐसे में कल्पवासियों के प्रवेश के लिए डायवर्जन लागू किया गया है।
यह है यातायात प्रबंध
1- कानपुर-लखनऊ-प्रतापगढ़ की तरफ से आने वाले समस्त कल्पवासी अपने हल्के वाहन के साथ पांटून पुल 03,05,06 से संबंधित कल्पवास क्षेत्र में प्रवेश करेंगे।
2- वाराणसी-जौनपुर क्षेत्र की तरफ से आने वाले समस्त कल्पवासी अपने हल्के वाहन के साथ टीकरमाफी-त्रिवेणी मार्ग से संगम लोवर मार्ग होते हुए कल्पवास क्षेत्र में जाएंगे।
3- मिर्जापुर-चित्रकूट-रीवा क्षेत्र की तरफ से आने वाले समस्त कल्पवासी अपने हल्के वाहन के साथ शास्त्री ब्रिज- झूंसी जिराफ चौराहे से टीकरमाफी त्रिवेणी मार्ग से संगम लोवर मार्ग होते हुए भेजे जाएंगे।
भारी वाहनों के लिए नो इंट्री आज रात से
पौष पूर्णिमा के मद्देनजर मेला क्षेत्र के बाहर भी यातायात का दबाव बढ़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए ही भारी कॉमर्शियल वाहनों के लिए अंतरजनपदीय डायवर्जन लागू किया जाएगा। इसके तहत 24 जनवरी की रात से जनपद में भारी वाहनों के लिए नो इंट्री लागू कर दी जाएगी। सूत्राें का कहना है कि यह नो इंट्री 26 जनवरी की रात तक प्रभावी रह सकती है। दरअसल 25 को पौष पूर्णिमा के बाद अगले ही दिन गणतंत्र दिवस है। इस दिन भी मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है।
रात आठ बजे के गाद केवल हेलीपैड पार्किंग तक जाएंगे श्रद्धालुओं के वाहन पौष पूर्णिमा के मद्देनजर संगम क्षेत्र में अगले दो दिनों तक श्रद्धालुओं के वाहनों के संबंध में भी प्रतिबंध लागू होगा। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के वाहन केवल हेलीपैड पार्किंग तक ही जा सकेंगे। इनमें कार व दोपहिया शामिल हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की बसें प्लॉट नंबर 17 पार्किंग स्थल में खड़े कराए जाएंगे। हेलीपैड पार्किंग से आगे वाहनों को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह प्रतिबंध बुधवार रात आठ बजे से लागू कर दिया जाएगा।