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माघ मेला प्रयागराज : छठवें पुल के लिए अड़े आचार्यबाड़ा के संत, आंदोलन की चेतावनी

Sun, 05 Dec 2021 11:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 05 Dec 2021 11:36 PM IST
सार

माघ मेले में भूमि सुविधाएं बढ़ाने के लिए आवाज उठाई गई। कहा गया कि भूमि के समतलीकरण में भी मेला प्रशासन अपना नजरिया साफ करे। सेक्टर-दो, तीन की तरह की सेक्टर पांच में भी समतलीकरण कराया जाना चाहिए।

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Magh Mela Prayagraj: Saints of Acharyabara adamant for the sixth bridge, warning of agitation
Prayagraj News : माघ मेला के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

संगम की रेती पर माघ मेला बसने से पहले साधु-संतों का पारा गरम हो गया है। रामानुज नगर प्रबंध समिति ने जहां 150 बीघा भूमि से एक इंच भी कम भूमि आवंटन पर मानने से इंकार कर दिया है, वहीं छठवें पांटून पुल के निर्माण के लिए भी अड़ गए हैं। आचार्यबाड़ा के संतों ने मेलाधिकारी को चेताया है कि हरिश्चंद्र मार्ग पर पुल नहीं बना तो वह गंगा तट पर धरना देंगे। साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का भी घेराव करेंगे।

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माघ मेले में भूमि सुविधाएं बढ़ाने के लिए आवाज उठाई गई। कहा गया कि भूमि के समतलीकरण में भी मेला प्रशासन अपना नजरिया साफ करे। सेक्टर-दो, तीन की तरह की सेक्टर पांच में भी समतलीकरण कराया जाना चाहिए। इसके अलावा इस बार माघ मेले में आ रहे नए शिविराध्यक्षों के लिए भी भूमि आवंटित करने के लिए मेला प्रशासन से आग्रह किया गया। रामानुजनगर प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष स्वामी घनश्यामाचार्य ने कहा कि मेला विस्तार की वजह से छठवें पुल के निर्माण के बिना काम नहीं चल पाएगा।

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सोनौटी तक बसेगा आचार्यबाड़ा
सेक्टर पांच में जहां आचार्यबाड़ा इस बार बदरा सोनौटी की सीमा तक बसने जा रहा है, ऐसे में हरिश्चंद्र मार्ग पर पुल बनना चाहिए। मेलाधिकारी की ओर से बजट न होने की असमर्थता जताने पर आचार्यबाड़ा के संतों ने आंदोलन की धमकी दी है। उनका कहना है कि पुल के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। साथ ही 150 बीघा भूमि आवंटित करने के लिए आवाज उठाई गई।

माघ मेले में बसने वाले शिविरों में मूलभूत सुविधाएं भी बढ़ाने के लिए मेला प्रशासन से आग्रह किया गया। अब तक आचार्यबाड़ा को 78 बीघा भूमि मिलती रही है। बैठक में स्वामी कुशाचार्य, महंत सुदर्शनाचार्य, महामंत्री अखिलेश्वराचार्य,स्वामी विष्णु प्रपन्नाचार्य,स्वामी कुलशेखराचार्य आचार्य धीरेंद्र समेत कई संत उपस्थित थे।

दंडीबाड़ा की भूमि मेला प्रशासन ही बांटे: स्वामी ब्रह्माश्रम
भूमि आवंटन पर विवाद के बाद दंडीबाड़ा के दूसरे धड़े अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम ने रविवार को कहा कि संतों-भक्तों के समागम में किसी तरह के विवाद से बचने के लिए मेला प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए। ऐसे में भूमि आवंटन की जिम्मेदारी मेला प्रशासन को ही सौंप दी जानी चाहिए, ताकि झगड़ा हमेशा के लिए खत्म हो जाए। ब्रह्माश्रम ने कहा कि वर्ष में एक बार संत- महात्मा और लाखों कल्पवासी माघ महीने संगम तट पर दान, पुण्य और कल्पवास के लिए आते हैं। ऐसे में कोई विवाद नहीं होना चाहिए। इससे पहले भूमि का बंटवारा संस्था की ओर से किया जाता था।
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