Magh Mela : दंडवत परिक्रमा रोकने पर अन्न जल त्यागकर अनशन पर बैठे मौनी स्वामी
उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस कृत्य से संतों का अपमान हुआ है। वीआईपी लोगों को सारी सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन संतों को दंडवत परिक्रमा से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहली बार उनकी परिक्रमा खंडित हुई है।
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माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर शनिवार को राष्ट्र रक्षा के लिए निकाली जाने वाली चक्रवर्ती दंडवत परिक्रमा पर पुलिस ने रोक लगा दी। इस दौरान संतों-भक्तों ने पुलिस से आग्रह किया कि परिक्रमा खंडित न होने दी जाए,लेकिन अनसुनी कर दी गई। परिक्रमा खंडित होने के विरोध में अभय चैतन्य ब्रह्मचारी मौनी बाबा अन्न-जच्त्याग कर अनशन पर बैठ गए। देर रात तक उनका अनशन जारी था।
सुबह सात बजे बाजे गाजे के साथ महाकाल यज्ञशाला से जैसे ही चक्रवर्ती परिक्रमा निकालने की तैयारी की गई, वहां खाक चौक के सीओ पहुंच गए। पुलिस अफसर का कहना था कि दंडवत करते हुए संगम तक इस यात्रा को निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस पर मौनी बाबा ने उनको अनुमति पत्र भी दिखाया। उनका कहना था कि पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति पर परिक्रमा निकाली गई थी।
तब किसी तरह का व्यवधान नहीं आया था। लेकिन, पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। इससे आहत मौनी बाबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर परिक्रम खंडित किए जाने की शिकायत की है। उनका कहना है कि जबतक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक वह महाकाल की पूजा, आरती और दीपदान भ नहीं करेंगे। फिलहाल बाबा के अनशनरत होने की वजह से राष्ट्ररक्षा यज्ञ भी स्थगित हो गया है।