Magh mela: गंग द्वीप डूबा, 44 संस्थाओं के शिविर सेक्टर पांच में शिफ्ट
नए गंग द्वीप में पानी भरने के बाद मंगलवार को स्थिति असहज हो गई। वहां बसाई गई 44 संस्थाओं के शिविरों में पानी आने के बाद गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई।
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संगम की रेती पर कटान से विस्थापित आध्यात्मिक संस्थाओं के लिए बसाया गया गंग द्वीप मंगलवार को डूब गया। त्रिवेणी मार्ग पर भी दो दर्जन संस्थाओं के टेंट पानी से घिर गए। कटान और जल प्रवाह से कल्पवासियों के शिविरों में पानी भरने के बाद मेलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने एसपी मेला डॉ. राजीव नारायण मिश्र के साथ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। देर शाम तक कटान से प्रभावित 44 संस्थाओं को सेक्टर पांच में शिफ्ट करा दिया गया। बुधवार को जलमग्न क्षेत्रों में प्रभावित कल्पवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जाएगा।
नए गंग द्वीप में पानी भरने के बाद मंगलवार को स्थिति असहज हो गई। वहां बसाई गई 44 संस्थाओं के शिविरों में पानी आने के बाद गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई। प्रभावित कल्पवासी शिविरों की बिजली सोमवार को ही काट दी गई थी। बुधवार को मंडलायुक्त संजय गोयल ने भी मेला प्रशासन से ताजा स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद नए मेला प्रभारी अरविंद कुमार चौहान एसपी मेला और अन्य अफसरों के साथ गंग द्वीप पहुंचे।
वहां से उन्होंने प्रभावित सभी संस्थाओं को सेक्टर पांच में स्थापित कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी। प्रभारी मेलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित संस्थाओं को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जा रहा है। किसी भी कल्पवासी या संत को उसके अनुष्ठान या यज्ञ में व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा।
सेक्टर पांच में जहां गंग द्वीप की संस्थाएं बसाई जा रही हैं, वहां बिजली, पानी और प्रसाधन की सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं। इसके अलावा प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों के शिविरों में प्रभावित हुए कल्पवासियों भी सेक्टर पांच में स्थानांतरित करा दिया गया।
त्रिवेणी पांटून पुल पर आया पानी, यातायात घंटों ठप
प्रयागराज। त्रिवेणी पांटून पुल पर पानी आने और कटान तेज होने के बाद मंगलवार को पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को भी जबरदस्त मशक्कत करनी पड़ी। प्रवाह बढ़ने के बाद त्रिवेणी पुल पर यातायात रोकना पड़ा। इस दौरान नए पीपों को जोड़ने के साथ ही पुल की ऊंचाई बढ़ाई गई, ताकि पुल पर यातायात प्रभावित न होने पाए।