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गंगा में प्रवाह बढ़ा : त्रिवेणी मार्ग पर कल्पवासियों के दर्जनों शिविर जलमग्न
Mon, 17 Jan 2022 11:30 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 17 Jan 2022 11:30 PM IST
सार
त्रिवेणी मार्ग के किनारे बने जिन शिविरों में पानी भर गया है, वहां से गृहस्थी का सामान हटाने के लिए देर रात तक मशक्कत जारी रही। कहा जा रहा है कि यही हालात रहे तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
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Prayagraj News : माघ मेला।
- फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
गंगा के जल प्रवाह में तेजी और कटान का दायरा बढ़ने के बाद पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर सोमवार को त्रिवेणी मार्ग के किनारे बसे 40 से अधिक शिविर जलमग्न हो गए। पानी भरने से बिजली के कई खंभे गिर गए। उधर, दारागंज के सामने बसे गंग द्वीप में भी पानी भर गया। इससे कई संस्थाओं को विस्थापित होना पड़ा।
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इस बीच गंग द्वीप और त्रिवेणी मार्ग पर कटान से प्रभावित इलाकों की बिजली काट दी गई है। जानकारी मिलने के बाद मंडलायुक्त संजय गोयल के निर्देश पर बाढ़ खंड के अभियंताओं ने कटान रोकने के लिए मशक्कत शुरू कर दी है, ताकि कटान रोकी जा सके।
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कटान की वजह से त्रिवेणी पांटून पुल से पार उतरने के बाद तट पर बसे दर्जनों शिविरों में सोमवार को पानी भरने से अफरा तफरी मच गई। जानकारी मिलने के बाद मंडलायुक्त संजय गोयल और प्रभारी मेलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं से स्थिति की जानकारी ली। साथ ही कटान रोकने के पुख्ता उपाय करने के निर्देश दिए गए।
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त्रिवेणी मार्ग के किनारे बने जिन शिविरों में पानी भर गया है, वहां से गृहस्थी का सामान हटाने के लिए देर रात तक मशक्कत जारी रही। कहा जा रहा है कि यही हालात रहे तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं। उधर, सिंचाई विभाग के अभियंताओं की टीम ने कटान से प्रभावित क्षेत्रों में कल्पवासियों और अन्य संस्थाओं के शिविरों को बचाने के लिए मशक्कत तेज कर दी है। कटान रोकने के लिए लगातार बाड़ लगाई जा रही है। जेसीबी मशीनें लगाकर तटबंध को ऊंचा करने के साथ ही बालू की बोरियां पाटी जा रही हैं। बावजूद इसके प्रवाह शिविरों की ओर बढ़ रहा है।