Prayagraj: प्रयागराज आने से डरा माफिया बबलू श्रीवास्तव, कहा- खतरे में है जान; कोर्ट ने खारिज की अर्जी
माफिया के इशारे पर वर्ष 2015 में सराफा कारोबारी पंकज महिंद्रा के बहुचर्चित अपहरण कांड का विचारण गैंगस्टर एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश विकास कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चल रहा है।
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बरेली जेल में बंद माफिया बबलू श्रीवास्तव को मौत का डर सताने लगा लगा है। सराफ पंकज महिंद्रा के बहुचर्चित अपहरण कांड में उसे गवाही के लिए तलब किया गया था। बुधवार को उसने अपने वकील के जरिए अर्जी दाखिल कर कहा कि बरेली से प्रयागराज आने में जान का खतरा है।
इसलिए उसका बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग से दर्ज कराने की अनुमति दी जाए। इलाहाबाद सत्र न्यायालय स्थित गैंगस्टर की विशेष अदालत ने माफिया की अर्जी को खारिज करते हुए 16 अक्तूबर को अदालत में हाजिर रहने का आदेश दिया है।
माफिया के इशारे पर वर्ष 2015 में सराफा कारोबारी पंकज महिंद्रा के बहुचर्चित अपहरण कांड का विचारण गैंगस्टर एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश विकास कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चल रहा है। कोर्ट ने प्रयागराज के डीएम, पुलिस आयुक्त और बरेली जेल के अधीक्षक को निर्देशित किया था कि उसे हर हाल में बुधवार को अदालत में पेश कराना सुनिश्चित करें।
उधर, प्रधानमंत्री और केरल के राज्यपाल के बरेली दौरे का हवाला देते हुए जेल के वरिष्ठ अधीक्षक ने माफिया को बुधवार को व्यक्तिगत रूप से पेश करने में असमर्थता जाहिर की। जेल अधीक्षक की ओर से भी माफिया की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराने का सुझाव अदालत को दिया गया है। हालाकि, अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता। (फौजदारी) गुलाब चंद अग्रहरि और विशेष अधिवक्ता अपराध आरपी सिंह ने माफिया की गैरहाजिरी पर आपत्ति जाहिर की।
अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए माफिया की पेशी की दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मांग 10 अक्तूबर को ही अदालत ने खारिज कर दिया था। बुधवार को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। ऐसे में दोबारा दाखिल इस अर्जी पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं है। आदेश के बावजूद हाजिर न रहने से खफा कोर्ट ने 16 अक्तूबर की तारीख नियत कर बरेली एसएसपी, जेल अधीक्षक समेत प्रयागराज के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को माफिया को हर हाल में पेश करने का आदेश दिया है।
बाकी गवाह रहे मौजूद
पंकज महिंद्रा मामले में 30 सितंबर को अभियोजन की गवाही शनिवार को पूरी हो चुकी है। अभियोजन की ओर से 21 गवाहों को पेश किया गया है। बुधवार को बबलू श्रीवास्तव और सच्चिदानंद को छोड़ कर माफिया के भांजे विकल्प श्रीवास्तव समेत चंद्र मोहन यादव, महेंद्र यादव, विनीत परिहार, संकल्प श्रीवास्तव, संदीप चौधरी, अभिषेक सिंह और राकेश सिंह अदालत में मौजूद रहे। अभियुक्त सच्चिदानंद यादव की ओर से उसके वकील ने हाजिरी माफी की अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
क्या था मामला
वर्ष 2015 में 5 सितंबर की रात दुकान बंद करके कार से घर जाते समय सराफा पंकज महिंद्रा को अगवा कर लिया गया था। बदमाशों ने उनकी कार संगम स्थित बंधवा में लेटे हनुमान मंदिर के पास छोड़ दी थी। फिरौती के रूप में 10 करोड़ रुपये मांगे थे। बाद में पुलिस ने फतेहपुर जिले में स्थित एक फार्म हाउस में छापा मारा तो सराफ बंधे पड़े थे। पुलिस ने मौके से माफिया के भांजे विकल्प श्रीवास्तव उर्फ गोलू पुत्र तरुण कुमार श्रीवास्तव, गोरखपुर निवासी महेंद्र यादव, सच्चिदानंद यादव उर्फ सचिता, बरेठी थाना थरवई निवासी चंद्रमोहन उर्फ बब्लू यादव को गिरफ्तार किया था।