प्रयागराज : अब्बा की कब्र के पास दफनाए गए माफिया अतीक और अशरफ, गिनती के रिश्तेदारों ने डाली मिट्टी
मोती लाल नेहरू मंडलीय अस्पताल के गेट पर चिकित्सकीय परीक्षण से पहले गोली से उड़ाए गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम अशरफ के शवों को रविवार की रात कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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मोती लाल नेहरू मंडलीय अस्पताल के गेट पर चिकित्सकीय परीक्षण से पहले गोली से उड़ाए गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम अशरफ के शवों को रविवार की रात कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। इस दौरान अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन और उसके दो नाबालिग बेटों के पहुंचने की भी अफवाह उड़ी, लेकिन प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की।
माफिया को सुपुर्दे खाक करने के लिए रिश्तेदार और गिनती के पड़ोसी ही पहुंचे। पड़ोसियों ने अतीक और अशरफ को कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्दे खाक किया। शाम 5:45 बजे स्वरूपरानी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस से सबसे पहले अतीक अहमद के शव को कसारी-मसारी कब्रिस्तान ले जाया गया। वहां शव को मस्जिद के सामने रखा गया। इसके करीब आधे घंटे बाद अशरफ के शव को लाया गया।
दोनों को शवों को नहलाने और फातिहा पढ़ने के बाद जनाजा उठाया गया। इस दौरान जनाजे में शामिल होने के लिए गिनती के 50-60 लोगों को ही कब्रिस्तान में प्रवेश दिया गया। कुछ महिलाएं बुर्के में पहुंची तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बुर्का हटाने और आधार कार्ड दिखाने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा सका। अंदर शवों को नहलाने के बाद ताबूत में रखकर दोनों का जनाजा उठाया गया। अतीक के ताबूत को काले कपड़े से ढंका गया था। जबकि अशरफ के जनाजे पर किसी तरह का कपड़ा नहीं था।
जनाजा कब्र तक पहुंचने के बाद वहां भी फातिहा पढ़ी गई। इसके बाद अतीक के शव को उसके अब्बा फिरोज अहमद की कब्र के पास दफनाया गया। वहीं दूसरी खोदी गई कब्र में अशरफ का शव दफनाया गया। इस दौरान अतीक की साली के अलावा अशरफ की तीन बेटियां और एक बेटे के अलावा रिश्तेदारी की कुछ महिलाएं भी वहां पहुंची थीं। इस दौरान किसी भी बाहरी को वहां जाने की छूट नहीं थी। तीन किमी पहले कसारी-मसारी मोड़ पर ही आरएएफ के जवान लोगों को आगे बढ़ने से रोक रहे थे।
जनाजे में शामिल होने से रोकने पर किया हंगामा, पुलिस ने खदेड़ा
अतीक अहमद और अशरफ के जनाजे में शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग जद्दोजहद करते नजर आए। आधार कार्ड दिखाने के बाद भी जब उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया तब वहां विरोध शुरू हो गया। कुछ लोग हंगामा मचाने लगे। नाराज लोग पुलिस पर अतीक-अशरफ को मरवाने का आरोप लगा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने हंगामा मचाने वालों को लाठियां पटक कर खदेड़ दिया।
अतीक के जनाजे में नाबालिग बेटों के शामिल होने से डीएम ने किया इन्कार
प्रयागराज। जनाजे में शामिल होने के लिए बाल सुधार गृह से अतीक अहमद के नाबालिग बेटे ऐजम और आबान के शामिल होने की अफवाह भी उड़ी। चैनलों पर चलने लगा कि अतीक के दोनों नाबालिग बेटे एंबुलेंस में शव के साथ ही पहुंचे हैं। लेकिन, डीएम संजय खत्री ने इससे इन्कार किया है। डीएम के मुताबिक अतीक के बेटों को बाल सुधार गृह से कब्रिस्तान में लाए जाने की इजाजत उनकी ओर से नहीं दी गई।