Prayagraj News : माफिया अतीक अहमद के गुर्गों ने बदला चोला, हत्या, अपहरण छोड़ जमीन के नाम पर कर रहे खेल
हाल यह है कि साल बीतने में अभी 10 दिन बाकी हैं लेकिन ऐेसे 450 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। यानी रोजाना एक व्यक्ति इनका शिकार बन रहा है। यह वह मामले हैं जिनमें दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन के नाम पर धोखाधड़ी की गई।
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योगी सरकार में माफिया पर शिकंजा कसे जाने के बाद अब उनके गुर्गे चोला बदलकर काम कर रहे हैं। हत्या, अपहरण जैसी वारदातों की जगह अब वह जमीन के नाम पर खेल में लगे हैं। खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी करने के साथ ही रंगदारी मांग रहे हैं। हाल यह है कि साल बीतने में अभी 10 दिन बाकी हैं लेकिन ऐेसे 450 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। यानी रोजाना एक व्यक्ति इनका शिकार बन रहा है। यह वह मामले हैं जिनमें दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन के नाम पर धोखाधड़ी की गई।
बड़ी बात यह है कि ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बात मौजूदा साल की करें तो पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार जाली दस्तावेजों के जरिए जमीन के नाम पर धोखाधड़ी के मामलों में 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पिछले साल यानी 2021 में जहां कुल 334 मामले सामने आए थे। वहीं मौजूदा साल में संख्या 450 से ज्यादा हो गई।
पीपलगांव निवासी सूरजपाल पिछले साल 13 नवंबर को धूमनगंज के भीटी असदुल्लाहपुर में अपने प्लॉट पर गया था। आरोप है कि इसी दौरान अतीक व अशरफ के गुर्गे खालिद जफर, मो. मुस्लिम के अलावा मो. माज, दिलीप कुशवाहा, मो. हसन आए और कहा कि यह अशरफ विधायक की प्लाटिंग है। काम करना है तो 20 लाख रंगदारी दो। आरोप है कि उसे पीटा भी गया। मुकदमा दर्ज हुए सात महीने बीत चुके हैं लेकिन अब भी पूछने पर पुलिस यही कहती है कि साक्ष्य इकट्ठे करने का काम चल रहा है।
सुमन देवी पत्नी स्व. शंकरलाल गयासुद्दीनपुर, धूमनगंज की रहने वाली है। उसने बताया कि उसकी शाहा उर्फ पीपलगांव में 2850 वर्ग मीटर जमीन है। उसका कहना है कि उसके पति ने अपने जीवित रहते कोई लिखापढ़ी नहीं की। आरोप है कि फिर भी अतीक के गुर्गे मुस्लिम व एहतेशाम निवासी दारागंज समेत अन्य ने फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर उसकी जमीन पर कब्जा ली और अवैध प्लाटिंग भी कर ली। साथ ही गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस अब तक मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
जो भी मामले दर्ज हुए हैं उनमें कुछ में कार्रवाई हो चुकी है जबकि कुछ में विवेचना चल रही है। जो भी इन कृत्यों में शामिल हैं, उनके खिलाफ साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई की जाएगी। - सतीश चंद्र, एडीसीपी क्राइम