फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   LT Grade Teacher Recruitment: Appointment not received even after the dispute of qualification is resolved

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती : अर्हता का विवाद दूर होने के बाद भी नहीं मिली नियुक्ति

Sat, 02 Apr 2022 08:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 02 Apr 2022 08:58 PM IST
सार

नियम है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक अर्हता पूरी होनी चाहिए। कई ऐसे अभ्यर्थियों ने भी आवेदन कर दिए थे कि जिनके पास इंटरमीडिएट में संस्कृत विषय नहीं थे और वे अर्हता पूरी नहीं कर रहे थे। ऐसे अभ्यर्थियों ने उस वक्त अर्हता पूरी करने के लिए एकल विषय संस्कृत से यूपी बोर्ड की परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम 29 अप्रैल को जारी किया गया।

विज्ञापन
LT Grade Teacher Recruitment: Appointment not received even after the dispute of qualification is resolved
Teacher Recruitment 2021 - फोटो : Social media

विस्तार

एलटी ग्रेड हिंदी के चयनित अभ्यर्थियों की अर्हता से संबंधित विवाद दूर होने के बाद भी चयनितों को नियुक्ति नहीं मिली। उनकी फाइलें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में ही पड़ी हैं। अभ्यर्थी परेशान हैं और आए दिन आयोग के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद आयोग नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ रहा है।

विज्ञापन



एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए मार्च 2018 में आवेदन लिए गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 16 अप्रैल थी और जुलाई-2018 में परीक्षा कराई गई थी। हिंदी विषय के अभ्यर्थियों के लिए अर्हता निर्धारित की गई थी कि इंटरमीडिएट में संस्कृत एवं स्नातक में हिंदी विषय के साथ बीएड की डिग्री भी हो।
विज्ञापन



नियम है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक अर्हता पूरी होनी चाहिए। कई ऐसे अभ्यर्थियों ने भी आवेदन कर दिए थे कि जिनके पास इंटरमीडिएट में संस्कृत विषय नहीं थे और वे अर्हता पूरी नहीं कर रहे थे। ऐसे अभ्यर्थियों ने उस वक्त अर्हता पूरी करने के लिए एकल विषय संस्कृत से यूपी बोर्ड की परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम 29 अप्रैल को जारी किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

चयन होने के बाद भी फंस गई नियुक्ति
आयोग ने वर्ष 2018 में ही चार से 14 जून तक पुन: आवेदन मांग लिए और जिन अभ्यर्थियों ने 29 अप्रैल 2018 को एकल विषय संस्कृत से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की, उन्होंने चार से 14 जून के बीच आवेदन किए। इनमें से 134 अभ्यर्थियों का चयन भी हो गया, लेकिन उनकी नियुक्ति फंस गई। विवाद शुरू हो गया कि 16 अप्रैल और 14 जून में से किसे आवेदन की अंतिम तिथि माना जाए। इसी विवाद में 134 चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें आयोग में ही अटकी रही गईं, जबकि अन्य चयनितों की फाइलें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी गईं। 


जिन अभ्यर्थियों की फाइलें आयोग में ही अटकी रह गईं, उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और उन्हें राहत भी मिल गई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि इसके बाद भी आयोग ने उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ाईं हैं।


अभ्यर्थी मानकर चल रहे थे कि यूपी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद आयोग उनकी फाइलें निदेशालय को भेज देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चयनित अभ्यर्थी मनीष कुमार, ज्ञानलता, सुनील शुक्ला, पूर्णिमा, पंकज आदि ने आयोग से मांग की है कि उनकी फाइलें आगे बढ़ाईं जाएं, ताकि उन्हें नियुक्ति मिल सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed