Lok Sabha Chunav : नेहरू और शास्त्री के निधन के बाद इंदिरा गांधी ने लिखकर दिया ‘वोट फॉर कांग्रेस’
आम मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने को इंदिरा ने एक अनूठा प्रयोग किया। उन्होंने अपने हाथ से हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू में लिखकर आम मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इंदिरा का लिखा यह नोट तब खासा सुर्खियों में आ गया। इसे कांग्रेसियों ने हूबहू छपवाकर इलाहाबाद व फूलपुर संसदीय क्षेत्र के तमाम गांवों में भी बांटे।
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देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू और दूसरे पीएम लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद 1967 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पास नेतृत्व का अभाव था। पार्टी की हालत देख नेहरू की पुत्री इंदिरा गांधी ने तब मोर्चा संभाला था। आम मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने को इंदिरा ने एक अनूठा प्रयोग किया। उन्होंने अपने हाथ से हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू में लिखकर आम मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इंदिरा का लिखा यह नोट तब खासा सुर्खियों में आ गया। इसे कांग्रेसियों ने हूबहू छपवाकर इलाहाबाद व फूलपुर संसदीय क्षेत्र के तमाम गांवों में भी बांटे।
इंदिरा गांधी का वह हस्तलिखित नोट ‘वोट फॉर कांग्रेस’ तब के कांग्रेसियों ने बच्चे-बच्चे तक पहुंचा दिया। प्रयागराज में इसका असर दिखा। इंदिरा की यह अपील काम कर गई। इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से तब लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र हरिकृष्ण शास्त्री का सीधा मुकाबला सोशलिस्ट पार्टी के एस जायसवाल से था। यह चुनाव कांटे का माना जा रहा था।
एस जायसवाल का चुनाव चढ़ता देख तब इंदिरा गांधी ने अनूठा प्रयोग किया। उस समय सोशलिस्ट पार्टी के युवा नेता रहे एवं समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में निर्वाचन कार्य देख रहे केके श्रीवास्तव बताते हैं कि इंदिरा गांधी का पांच फरवरी 1967 को हिंदी में लिखा ‘कांग्रेस को वोट दीजिए’। इसी तरह अंग्रेजी में ‘वोट फॉर कांग्रेस’ लिखे कागज में अपने हस्ताक्षर भी किए। इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया गया। इसके पंफलेट आदि कांग्रेसियों ने गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले बांटे।
उस दौरान इंदिरा का हस्तलिखित नोट ‘ न रहूं किसी का दस्तनिगर ’ किताब में भी प्रकाशित हुआ। किताब के लेखक कैप्टन अब्बास अली ( ये डॉ.राम मनोहर लोहिया के साथी भी रहे हैं) ने हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा में लिखे उस नोट को अपनी किताब में प्रकाशित भी करवाया। केके श्रीवास्तव बताते हैं कि उस नोट में कांग्रेस का चुनाव चिह्न ‘खेत जोतते दो बैल’ की तस्वीर भी लगी हुई है।
1967 लोकसभा चुनाव इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र का परिणाम
प्रत्याशी का नाम : पार्टी : कुल मत : मत प्रतिशत
हरिकृष्ण शास्त्री : कांग्रेस : 114131 : 49.23
एस जायसवाल :सोशलिस्ट पार्टी : 97587 : 42.10