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बालक से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद
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बालक से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनुपम कुमार की अदालत ने शुक्रवार को एक बालक से दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 44 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
पिपरी कोतवाली के अकबरपुर चौराहे पर एक अनुसूचित जाति का परिवार किराए पर रहता था। 20 अगस्त 2018 को परिवार के लोग कहीं बाहर चले गए थे। घर के बाहर दरवाजे पर दस वर्षीय बेटा खेल रहा था। इसी बीच गांव का रेहान पुत्र सकिन उल्ला पहुंचा और टॉफी देने के बहाने उसे घर के अंदर ले गया। आरोप है कि रेहान ने घर के अंदर नाबालिग लड़के के साथ कुकर्म किया। दरिंदगी के बाद बच्चे को रोता-बिलखता हुआ छोड़कर फरार हो गया। शाम को घर आई महिला बेटे की हालत देख बदहवास हो गई। इसके बाद महिला ने कोतवाली पहुंचकर बेटे के साथ हुई घटना की एफआईआर दर्ज करा दिया। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनुपम कुमार की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह ने छह गवाहों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया।
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनुपम कुमार की अदालत ने शुक्रवार को एक बालक से दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 44 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
पिपरी कोतवाली के अकबरपुर चौराहे पर एक अनुसूचित जाति का परिवार किराए पर रहता था। 20 अगस्त 2018 को परिवार के लोग कहीं बाहर चले गए थे। घर के बाहर दरवाजे पर दस वर्षीय बेटा खेल रहा था। इसी बीच गांव का रेहान पुत्र सकिन उल्ला पहुंचा और टॉफी देने के बहाने उसे घर के अंदर ले गया। आरोप है कि रेहान ने घर के अंदर नाबालिग लड़के के साथ कुकर्म किया। दरिंदगी के बाद बच्चे को रोता-बिलखता हुआ छोड़कर फरार हो गया। शाम को घर आई महिला बेटे की हालत देख बदहवास हो गई। इसके बाद महिला ने कोतवाली पहुंचकर बेटे के साथ हुई घटना की एफआईआर दर्ज करा दिया। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनुपम कुमार की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह ने छह गवाहों को प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया।
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