MNNIT : ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए रील्स, रिवॉर्ड व गेम्स का ले रहे सहारा
सोशल मीडिया पर लिपस्टिक या स्किनकेयर उत्पाद का वीडियो देखते ही उसे खरीदने का मन क्यों करता है या ब्यूटी एप पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स हमें बार-बार उसी ब्रांड की तरफ क्यों खींचते हैं।
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सोशल मीडिया पर लिपस्टिक या स्किनकेयर उत्पाद का वीडियो देखते ही उसे खरीदने का मन क्यों करता है या ब्यूटी एप पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स हमें बार-बार उसी ब्रांड की तरफ क्यों खींचते हैं। इसका जवाब अब एक शोध में मिला है। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के प्रबंधन अध्ययन विभाग के अध्ययन के अनुसार सोशल मीडिया और गेमीफिकेशन (खेल-खेल में जुड़ाव) का मेल ग्राहकों को सिर्फ खरीदारी के लिए ही नहीं, बल्कि ब्रांड से गहराई से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करता है। 2026 में यह शोध ग्लोबल बिजनेस रिव्यू जर्नल में प्रकाशित हो चुका है।
ग्राहकों को मिल रहा है यादगार अनुभव
शोधकर्ता डॉ.राकेश कुमार और शुभी छंगानी ने 344 सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर यह अध्ययन किया। अब कॉस्मेटिक कंपनियां केवल अपने उत्पादों का प्रचार नहीं कर रहीं, बल्कि ग्राहकों को ऐसा डिजिटल अनुभव दे रही हैं जिसमें रील्स, लाइव सेशन, क्विज, चैलेंज और रिवॉर्ड पॉइंट्स शामिल होते हैं।
यह ब्रांड मेरा है...जैसी भावना हो रही मजबूत
डिजिटल अनुभव ग्राहकों में साइकोलॉजिकल ओनरशिप यानी अपनेपन की भावना पैदा करता है। उन्हें लगता है कि यह ब्रांड उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है। यही कारण है कि वे रिव्यू लिखते हैं, दोस्तों को सलाह देते हैं और सोशल मीडिया पर खुद प्रचारक बनते हैं। इसे वैल्यू को-क्रिएशन कहते हैं।
कॉस्मेटिक कंपनियों के लिए नई सीख
शोधकर्ताओं का मानना है कि तेजी से बढ़ते कॉस्मेटिक के ऑनलाइन बाजार में वही कंपनियां आगे रहेंगी, जो ग्राहकों को केवल सामान नहीं, बल्कि एक यादगार और मजेदार डिजिटल अनुभव भी देंगी।