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आरओ-एआरओ का रिजल्ट रोकने के लिए सचिव को पत्र
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UPPSC
आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के सचिव को पत्र भेजकर आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम रोकने के लिए एक बार फिर अनुरोध किया है। आयोग की ओर से परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी किए जाने पर आईपीएस अफसर ने सचिव को दोबारा पत्र लिखा है।
पत्र में अमिताभ ठाकुर ने लिखा है कि उन्होंने सीबीसीआईडी की ओर से लगाई गई अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ लखनऊ कोर्ट में प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र दायर किया है, जिसकी अगली सुनवाई 19 अगस्त को है। अमिताभ ने इस परीक्षा की द्वितीय पाली के सामान्य हिंदी के पेपर लीक के मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। मामले की जांच सीबीसीआईडी कर रही थी, जिसने अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा कि पेपर लीक के बारे में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
अपने पत्र में अमिताभ ने दावा किया है कि सीबीसीआईडी की विवेचना में कई गंभीर कमियां हैं। उन्होंने कई बिंदुओं पर विवेचना नहीं की, जबकि कई अन्य बिंदुओं पर गलत निष्कर्ष निकाला है। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि अगर आयोग परिणाम जारी करता है और इस बीच यदि कोर्ट अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए अग्रेतर विवेचना के आदेश देता है तो अत्यंत विषम एवं असहज स्थिति होगी। ऐसे में कोर्ट द्वारा प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र पर अंतिम निर्णय लेने तक इस परीक्षा का परिणाम घोषित न किया जाए।
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पत्र में अमिताभ ठाकुर ने लिखा है कि उन्होंने सीबीसीआईडी की ओर से लगाई गई अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ लखनऊ कोर्ट में प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र दायर किया है, जिसकी अगली सुनवाई 19 अगस्त को है। अमिताभ ने इस परीक्षा की द्वितीय पाली के सामान्य हिंदी के पेपर लीक के मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। मामले की जांच सीबीसीआईडी कर रही थी, जिसने अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा कि पेपर लीक के बारे में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
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अपने पत्र में अमिताभ ने दावा किया है कि सीबीसीआईडी की विवेचना में कई गंभीर कमियां हैं। उन्होंने कई बिंदुओं पर विवेचना नहीं की, जबकि कई अन्य बिंदुओं पर गलत निष्कर्ष निकाला है। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि अगर आयोग परिणाम जारी करता है और इस बीच यदि कोर्ट अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए अग्रेतर विवेचना के आदेश देता है तो अत्यंत विषम एवं असहज स्थिति होगी। ऐसे में कोर्ट द्वारा प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र पर अंतिम निर्णय लेने तक इस परीक्षा का परिणाम घोषित न किया जाए।
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