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UP: अद्भुत घटना..वाटरफॉल में नहाते वक्त नाक में घुसी जोंक, 15 दिन बाद जिंदा निकाली; लाल-काले रंग का आता था खून

Tue, 25 Jun 2024 11:35 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 25 Jun 2024 11:35 AM IST
सार

प्रयागराज से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वाटरफॉल में नहाते वक्त युवक की नाक में जोंक घुस गई। 15 दिन बाद डॉक्टर ने जोंक को जिंदा निकाला। चिकित्सकों का कहना है कि नाक के अंदर जोंक का मिलना अद्भुत घटना है।

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Leech entered nose while bathing in waterfall was taken out alive after 15 days IN Prayagraj
Leech entered nose - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित निजी अस्पताल में सोमवार को ईएनटी (आंख-कान-नाक) के चिकित्सकों ने दूरबीन विधि से सर्जरी करके लूकरगंज निवासी सिशील (19) की नाक से जिंदा जोंक निकाली। दो हफ्ते से जोंक मरीज की नाक में खून चूस रही थी। 
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चिकित्सकों का कहना है कि नाक के अंदर जोंक का मिलना अद्भुत घटना है।  मात्र 10 मिनट की सर्जरी के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। 
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करीब दो हफ्ते पहले सिशील मुक्तेश्वर (उत्तराखंड) स्थित भालू गृह वाटरफॉल के रुके हुए पानी में नहाने गए थे। तभी से उनकी नाक से लाल और काले रंग का खून आने लगा। इस दौरान उन्हें नाक में कुछ हलचल सी महसूस होती थी। 
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एक दिन उन्होंने नाक का वीडियो बनाया, तो कोई काली चीज थोड़ी बाहर आई और फिर अंदर चली गई। वह रविवार को सिविल लाइंस स्थित निजी अस्पताल में दिखाने पहुंचे। वहां जांच करने पर कुछ पता नहीं चला।
 

मरीज का वीडियो देखने के बाद डॉक्टरों ने दूरबीन विधि से सर्जरी करके जीवित फॉरेन बॉडी (जोंक) निकाली। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज के बाईं तरफ नाक में अंदर काफी गहराई में जोंक टर्बिनेट के पीछे छिपी हुई थी और धीरे-धीरे वहां से रक्त चूस रही थी। 

 

अस्पताल के ईएनटी विभाग के सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा ने दूरबीन विधि से बिना आसपास के नाॅर्मल स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाए सुगमता से जोंक निकाली। चिकित्सकों का कहना है कि जोंक नाक के रास्ते दिमाग या आंख में नहीं गई। डॉ. वर्मा ने बताया कि जोंक को एक जार में रखा गया है।


 
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