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विदा हुईं भवानी, सूने हो गए पूजा पंडाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 13 Oct 2016 02:04 AM IST
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allahabad
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इलाहाबाद। नवरात्र की पंचमी से शुरू हुआ दुर्गापूजा उत्सव मंगलवार को प्रतिमा विसर्जन के साथ पूर्ण हुआ। पांच दिनों तक महिषासुर मर्दिनी की पूजा-अर्चना से जाग्रत हुए पूजा पंडाल देवी की विदाई के साथ सूने हो गए।
बैंडबाजे की धुन पर थिरकते अबीर गुलाल उड़ाते हुए पंडालों से देवी की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया। घाटों पर गाजे बाजे के साथ पहुंचे भक्तों ने जयकारों के बीच रुंधे गले और छलकते आंसुओं के साथ मां भवानी को जल्दी आने की विनती के साथ विदा किया।
रामघाट पर प्रशासन की ओर से तैयार कराए गए तालाब में अश्रुपूरित नेत्रों से श्रद्धालुओं ने ‘मां आश्छे बछोर आबार ऐशो’ कहकर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी।
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विसर्जन को साथ गईं महिलाओं ने देवी से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की-‘मां तुमी जेई परमधाम थेके ऐशछो सेखाने आबार फेरोत जाओ आमरा सकले ऐई प्रार्थना जानाई।’
पहले सुबह ‘दधिकर्मा’ यानी दही चूड़े का प्रसाद ग्रहण करके पूजा पंडालों में दर्पण विसर्जन और ‘सिंदूरदान’ किया गया। महिलाओं ने मां को सिंदूर चढ़ाने के साथ आपस में एक दूसरे को गुलाल लगाया। प्रतिमाएं उठाकर गाड़ियों पर रखीं गईं। ढाक की थाप पर धुनूची लेकर उत्साह में झूमते-नाचते, गाते और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया। जयकारों के बीच देवी प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा आरंभ हुई।
शांतिजल लेकर हुई वापसी, लक्ष्मीपूजन परसों
प्रतिमा विसर्जन के बाद कलश में शांति जल भरा गया। उसे लेकर पूजा कमेटियों के लोग पूजा पंडाल पहुंचे। शांति जल छिड़का गया और एक दूसरे से गले मिले। करेलाबाग पूजा पंडाल के अध्यक्ष ज्योतिर्मय घोष के मुताबिक शनिवार को लक्ष्मी पूजन होगा।
पुरस्कार वितरण 16 को
दुर्गापजा समिति एवं बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 16 अक्तूबर को विभिन्न कमेटियों को विभिन्न वर्गों में पुरस्कृत भी किया जाएगा। सचिव डा. पी.के. राय के मुताबिक पुरस्कार वितरण समारोह कर्नलगंज स्थित महर्षि भारद्वाज विद्यामंदिर स्कूल में होगा। एस.एम.एस के जरिए वोटिंग कराई गई है। परिणाम कार्यक्रम के दौरान घोषित होंगे।
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बैंडबाजे की धुन पर थिरकते अबीर गुलाल उड़ाते हुए पंडालों से देवी की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया। घाटों पर गाजे बाजे के साथ पहुंचे भक्तों ने जयकारों के बीच रुंधे गले और छलकते आंसुओं के साथ मां भवानी को जल्दी आने की विनती के साथ विदा किया।
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रामघाट पर प्रशासन की ओर से तैयार कराए गए तालाब में अश्रुपूरित नेत्रों से श्रद्धालुओं ने ‘मां आश्छे बछोर आबार ऐशो’ कहकर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी।
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विसर्जन को साथ गईं महिलाओं ने देवी से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की-‘मां तुमी जेई परमधाम थेके ऐशछो सेखाने आबार फेरोत जाओ आमरा सकले ऐई प्रार्थना जानाई।’
पहले सुबह ‘दधिकर्मा’ यानी दही चूड़े का प्रसाद ग्रहण करके पूजा पंडालों में दर्पण विसर्जन और ‘सिंदूरदान’ किया गया। महिलाओं ने मां को सिंदूर चढ़ाने के साथ आपस में एक दूसरे को गुलाल लगाया। प्रतिमाएं उठाकर गाड़ियों पर रखीं गईं। ढाक की थाप पर धुनूची लेकर उत्साह में झूमते-नाचते, गाते और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया। जयकारों के बीच देवी प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा आरंभ हुई।
शांतिजल लेकर हुई वापसी, लक्ष्मीपूजन परसों
प्रतिमा विसर्जन के बाद कलश में शांति जल भरा गया। उसे लेकर पूजा कमेटियों के लोग पूजा पंडाल पहुंचे। शांति जल छिड़का गया और एक दूसरे से गले मिले। करेलाबाग पूजा पंडाल के अध्यक्ष ज्योतिर्मय घोष के मुताबिक शनिवार को लक्ष्मी पूजन होगा।
पुरस्कार वितरण 16 को
दुर्गापजा समिति एवं बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 16 अक्तूबर को विभिन्न कमेटियों को विभिन्न वर्गों में पुरस्कृत भी किया जाएगा। सचिव डा. पी.के. राय के मुताबिक पुरस्कार वितरण समारोह कर्नलगंज स्थित महर्षि भारद्वाज विद्यामंदिर स्कूल में होगा। एस.एम.एस के जरिए वोटिंग कराई गई है। परिणाम कार्यक्रम के दौरान घोषित होंगे।