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प्रयागराज : कल्पवासियों की सुविधा के लिए गंगा के निकट आवंटित की जाए भूमि
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कल्पवासियों की सुविधा के लिए गंगा के निकट पुरोहितों को आवंटित की जाए भूमि
क्रासर
प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों ने मेला प्रशासन पर लगाया उपेक्षा का आरोप,भूमि आवंटन की तिथि निर्धारित करने के लिए उठाई आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। माघ मेला में बसने वाली सबसे बड़ी संस्था प्रयागवाल सभा ने भूमि, सुविधाओं के लिए आवाज उठाई है। उनका कहना है कि कल्पवासियों की सुविधा के लिए तीर्थ पुरोहितों को गंगा के निकट भूमि आवंटित की जानी चाहिए। भूमि आवंटन के साथ ही सुविधा पर्ची भी जारी की जाए, ताकि कल्पवासी शिविरों को समय रहते स्थापित किया जा सके।
प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष शिव जी शर्मा और महामंत्री ऋतुराज शर्मा ने रविवार को तीर्थपुरोहितों के साथ बैठक में भूमि सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। उनका कहना था कि मेला प्रशास को तीर्थपुरोहितों के लिए अलग से भूमि आवंटन की तिथि निर्धारित करनी चाहिए, ताकि कल्पवासियों के शिविरों को लगाने में किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दारागंज में हुई बैठक में अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीर्थ यात्रियों, कल्पवासियों और साधु-संतों को किसी प्रकार की असुविध न होने देने का निर्देश दिया है, लेकिन मेला प्रशासन तीर्थपुरोहितों की लगातार उपेक्षा कर रहा है। कल्पवासियों की सुविधा के लिए तीर्थ पुरोहित समाज को गंगा के निकट भूमि व सुविधाओं का आवंटन किया जाना चाहिए। प्रयागवाल सभा के पदाधिकारियों ने तीर्थपुरोहितों के प्रति मेला प्रशसन रुख पर चिंता जताई। उनका कहना था कि मेले में दंडी बाड़ा,आचार्य बाड़ा, खाक चौक को मेला प्रसाशन ने भूमि सुविधाओं जारी कर दी है, लेकिन प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों के लिए आवंटन की तिथि तक निर्धारित नहीं की गई है। उनका कहना था कि माघ मेला क्षेत्र में 80 प्रतिशत कल्पवासी अपने प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों के शिविरों में ही ठहरकर मास पर्यंत जप, तप, ध्यान करते हैं। ऐसे में मेला प्रसाशन को चाहिए कि कल्पवासियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों को गंगा के निकट अधिक भूमि व सुविधाएं दी जाएं।
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इनसेट
रेती पर लगने लगे संतों के शिविर, तैयारियां अधूरी
प्रयागराज। माघ मेले में संतों-भक्तों का आगमन शुरू हो गया है। इसके बावजूद अभी तक मूलभूत सुविधाओं की स्थापना नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 दिसंबर तक चकर्ड प्लेट मार्गों, पांटून पुलों के निर्माण के साथ ही बिजली, पानी की व्यवस्था पूरी करने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक दो पांटून पुल ही बनाए जा सके हैं। सड़कों का निर्माण सेक्टरवाइज अभी आधा से भी कम हो सका है। ऐसे में तय अवधि में माघ मेले की तैयारियां पूरी हो पाएंगी, कहना मुश्किल होगा।खाक चौक में तपस्वी नगर में जहां संतों ने भंडारा शुरू कर दिया है, वहीं शिविर भी जहां-तहां आकार लेने लगे हैं।
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क्रासर
प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों ने मेला प्रशासन पर लगाया उपेक्षा का आरोप,भूमि आवंटन की तिथि निर्धारित करने के लिए उठाई आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। माघ मेला में बसने वाली सबसे बड़ी संस्था प्रयागवाल सभा ने भूमि, सुविधाओं के लिए आवाज उठाई है। उनका कहना है कि कल्पवासियों की सुविधा के लिए तीर्थ पुरोहितों को गंगा के निकट भूमि आवंटित की जानी चाहिए। भूमि आवंटन के साथ ही सुविधा पर्ची भी जारी की जाए, ताकि कल्पवासी शिविरों को समय रहते स्थापित किया जा सके।
प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष शिव जी शर्मा और महामंत्री ऋतुराज शर्मा ने रविवार को तीर्थपुरोहितों के साथ बैठक में भूमि सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। उनका कहना था कि मेला प्रशास को तीर्थपुरोहितों के लिए अलग से भूमि आवंटन की तिथि निर्धारित करनी चाहिए, ताकि कल्पवासियों के शिविरों को लगाने में किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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दारागंज में हुई बैठक में अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीर्थ यात्रियों, कल्पवासियों और साधु-संतों को किसी प्रकार की असुविध न होने देने का निर्देश दिया है, लेकिन मेला प्रशासन तीर्थपुरोहितों की लगातार उपेक्षा कर रहा है। कल्पवासियों की सुविधा के लिए तीर्थ पुरोहित समाज को गंगा के निकट भूमि व सुविधाओं का आवंटन किया जाना चाहिए। प्रयागवाल सभा के पदाधिकारियों ने तीर्थपुरोहितों के प्रति मेला प्रशसन रुख पर चिंता जताई। उनका कहना था कि मेले में दंडी बाड़ा,आचार्य बाड़ा, खाक चौक को मेला प्रसाशन ने भूमि सुविधाओं जारी कर दी है, लेकिन प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों के लिए आवंटन की तिथि तक निर्धारित नहीं की गई है। उनका कहना था कि माघ मेला क्षेत्र में 80 प्रतिशत कल्पवासी अपने प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों के शिविरों में ही ठहरकर मास पर्यंत जप, तप, ध्यान करते हैं। ऐसे में मेला प्रसाशन को चाहिए कि कल्पवासियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों को गंगा के निकट अधिक भूमि व सुविधाएं दी जाएं।
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रेती पर लगने लगे संतों के शिविर, तैयारियां अधूरी
प्रयागराज। माघ मेले में संतों-भक्तों का आगमन शुरू हो गया है। इसके बावजूद अभी तक मूलभूत सुविधाओं की स्थापना नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 दिसंबर तक चकर्ड प्लेट मार्गों, पांटून पुलों के निर्माण के साथ ही बिजली, पानी की व्यवस्था पूरी करने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक दो पांटून पुल ही बनाए जा सके हैं। सड़कों का निर्माण सेक्टरवाइज अभी आधा से भी कम हो सका है। ऐसे में तय अवधि में माघ मेले की तैयारियां पूरी हो पाएंगी, कहना मुश्किल होगा।खाक चौक में तपस्वी नगर में जहां संतों ने भंडारा शुरू कर दिया है, वहीं शिविर भी जहां-तहां आकार लेने लगे हैं।