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दुनिया के लिए इस बार कुंभ अद्भुत-अविस्मरणीय-बेमिसाल, सीएम ने गिनाए कुंभ के रिकॉर्ड

Wed, 06 Mar 2019 08:34 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 06 Mar 2019 08:34 AM IST
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Kumbh Mela 2019 amazing unforgettable For world says yogi adityanath
कुंभ समापन कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंभ की पृष्ठभूमि तैयार करने से लेकर सफलता केपायदान पर बढ़ने तक के यादगार अनुभवों को साझा किया। उन्होंने 1954 से लेकर 2013 तक हुए कुंभ की इस बार के आयोजन से तुलना की। 
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कहा कि 24 करोड़ श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराकर घर पहुंचाने यह ऐतिहासिक रिकार्ड अपने आप में अद्वितीय है। इतना ही नहीं, इतनी बड़ी भीड़ जिस जगह पहुंची हो, वहां एक तिनका न गिरने देकर अद्भुत स्वच्छता की मिसाल पेश करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। 
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सीएम ने एक-एक कर कई कीर्तिमान गिनाए और कहा कि यह कुंभ बहुत सारी चीजों के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व सबसे पहले जब प्रयागराज के अफसरों को कुंभ की कार्ययोजना तैयार करने के लिए बुलाया गया तब सबसे पहले सवाल आया था कि इसे दिव्य और भव्य बनाने के लिए किया क्या जाएगा। 
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तब कुंभ आयोजन समिति के अध्यक्ष राज्यपाल राम नाईक ने पहली बार इस आध्यात्मिक-सांस्कृतिक आयोजन की बुनियाद इलाहाबाद का नाम बदलकर रखने का सुझाव दिया था। इस पर अमल की शुरुआत की गई। 

उन्होंने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों का आभार जताते हुए बताया कि परिषद ने इलाहाबाद का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा और फिर इसे कैबिनेट में रखकर पारित करा दिया गया। इससे सैकड़ों साल बाद तीर्थराज की सांस्कृतिक महिमा से जुड़ा प्रयागराज नाम इस जिले का रखकर आयोजन को आगे बढ़ाया गया। 

फिर एक के बाद एक कीर्तिमान बनते गए। सीएम ने बताया कि 503 शटल बसों के संचालन से गिनीज बुक वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के बाद हाथों की छाप से हस्तलिपि चित्रकारी का भी विश्व रिकार्ड बनाया गया। साथ ही स्वच्छता के क्षेत्र में उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कर्मयोगियों ने विश्व कीर्तिमान रच दिया। 

तीन वर्ल्ड रिकार्ड तो बने ही, छह हजार से अधिक आध्यात्मिक-सांस्कृतिक संस्थाओं को 32 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसाया गया। सीएम ने बताया कि यह कुंभ बहुत सारी चीजों के लिए जाना जाएगा। प्रधानमंत्री ने गंगापूजन कर कुंभ की शुरुआत की थी। 

पीएम की इच्छा थी कि यह कुंभ भव्यता -दिव्यता के साथ यूनिक बने। कुंभ के लोगो के सूक्त वाक्य सर्वसिद्धिप्रद: कुंभ: से सकारात्मक ऊर्जा मिली। प्रयागराज कुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त धरोहर के रुप में मान्यता दी। 450 वर्षों के बाद ऐतिहासिक और पौराणिक अक्षयवट एवं सरस्वती कूप को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोलवाया गया। अब एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन कर रहे हैं।

मंत्रियों ने सीएम को भेंट किए वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्र

समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुंभ के तीन वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्र भेंट किए गए। एक साथ 503 शटल बसों के संचालन के अलावा हस्तलिपि चित्रकारी और स्वच्छता के गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्रों को क्रमश: नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भेंट किया।  

राज्यपाल और सीएम को मौनी अमावस्या की फोटो-संगम का जल भेंट
राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मंगलवार की शाम मौनी अमावस्या के विहंगम दृश्य वाले स्मृति चिह्न के अलावा संगम का जल भेंट किया गया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने राज्यपाल और सीएम को शाल ओढाकर सम्मानित किया। 

सीएम ने मीडिया के सकारात्मक नजरिए को सराहा 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंभ के आयोजन को विश्व पटल पर पहुंचाने के लिए मीडिया के प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा कि काम तो अफसरों ने किया , लेकिन अखबारों ने जिस तरह दो-तीन पृष्ठ की सामग्री लगातार आध्यात्मिकता के साथ स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन के अलग-अलग पक्षों पर दी, उससे कुंभ को ऊंचाई मिली। ऐसे लेख पढ़कर देश और विदेश के लोगों में भारत की संस्कृति को जानने की ललक पैदा हुई और वे कुंभ में बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ आए।

सीएम ने गिनाए कुंभ के ये रिकॉर्ड
- 450 वर्ष बाद श्रद्धालुओं के लिए खोला गया अक्षयवट और सरस्वती कूप
- 193 देशों के प्रतिनिधियों ने कुंभ में एक साथ लगाई डुबकी
- 70 देशों के ध्वज पहली बार संगम पर फहराए
- 6000 आध्यात्मिक-सांस्कृतिक संस्थाओं को कुंभ में बसाया गया
- 03 विश्व रिकॉर्ड बनाकर विश्व में सफलता का झंडा लहराया
 
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