{"_id":"5c585ecdbdec224b7a5548ee","slug":"kumbh-2019-two-mother-get-holy-dip-son-make-important-role-in-mauni-amavasya","type":"story","status":"publish","title_hn":"महास्नान: यहां दिखा आस्था और फर्ज का अनूठा संगम, एक बेटे ने दो मां को कराया स्नान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महास्नान: यहां दिखा आस्था और फर्ज का अनूठा संगम, एक बेटे ने दो मां को कराया स्नान
Mon, 04 Feb 2019 09:18 PM IST
vivek shukla
मुनेंद्र वाजपेयी, अमर उजाला, प्रयागराज
मुनेंद्र वाजपेयी, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 04 Feb 2019 09:18 PM IST
विज्ञापन
mauni amavasya
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिता की दो शादियां और घर में एक नहीं दोनों माताएं, किसी के लिए दुविधा हो सकती है, लेकिन कुशीनगर से आए मनीष ने 9 5 वर्ष की मां को गोद में उठाया और दूसरी को हाथ पकड़कर दूध का कर्ज अदा किया। इन तीनों के साथ आई बहू ने भी अपनी सासु माताओं को पुण्य की डुबकी लगवाने में सहयोग किया।
विज्ञापन
कुशीनगर से आए मनीष सिंह सोमवार शाम संगम नोज पहुंचे थे। उनके साथ थीं मां दुजिया देवी (95) और दूसरी मां ठेकन देवी(68) । मां दुजिया को उन्होंने पत्नी मीरा देवी के सहयोग से गोद में उठाया और दूसरी मां ठेकनी का हाथ पकड़कर संगम तक ले गए और स्नान कराया।
विज्ञापन
चलने फिरने में लाचार दुजिया देवी डुबकी लगाने के बाद बेटे मनीष को आशीष देती नहीं थक रही थीं। उन्होंने टूटी फूटी आवाज में बताया कि बस गंगा मइय्या एक पोता (पौत्र) और दे दे। मनीष ने बताया कि उनके एक बेटा और एक बेटी है, अब मां की इस इच्छा के बारे में वह नहीं जानते थे। यहीं पता चला है। वहीं ठेकन देवी भी अपनी जीजी दुजिया की मनोकमाना से सहमति जताती रहीं।
विज्ञापन
मनीष ने बताया कि उनके पिता ने दो शादियां की थीं लेकिन जब उन्होंने होश संभाला तो उन्हें दोनों में कभी फर्क नहीं महसूस हुआ। पिता असमय स्मृति शेष हो गए तो माताओं ने ही उनका लालन पालन किया। अब उनकी इच्छा कुंभ में प्रयागराज आकर संगम स्नान की रही, जो उन्होंने पूरा कर दिया।