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कुुंभ 2019: कुपोषण के खिलाफ 18 घंटे में हुए रिकार्ड 100 नुक्कड़ नाटक
Wed, 20 Feb 2019 08:43 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 20 Feb 2019 08:43 PM IST
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नुक्कड़ नाटक
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कुंभ से कुपोषण के प्रति जागरूकता लाने की मुहिम में नुक्कड़-नाटकों का योगदान रंग लाने लगा है। कुंभ में 24 घंटे भीतर सौ नुक्कड़-नाट कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर कीर्तिमान स्थापित हुआ। जो एक विश्व रिकार्ड है। जिसका लाभ दूर-दराज के गांवो से आने वाले लोंगो को मिल रहा है। मंगलवार को कुपोषण को मिटाने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग और टाटा ट्रस्ट के पोषण अभियान के तहत जिला स्वस्थ भारत प्रेरकों की ओर से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसमें लोंगो को कुपोषण प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान गांवों की ओर से आने वालों के ग्रामीण के समक्ष 100 नुक्कड़ नाटकों के जरिए प्रस्तुत किया और कुपोषण की जानकारी दी। इस दौरान टीम ने 18 घंटे के भीतर सौ कार्यक्रमों को पेश ही नहीं की, बल्कि हस्ताक्षर अभियान चलाकर एक दिन में तीस हजार लोंगो का हस्ताक्षर कराकर रिकार्ड भी बनाया। विश्व में रिकार्ड दर्ज करने वाली संस्थाओं में से लिम्का बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज होंगे। इस अभियान में खास तो है कि नाटक करने वाले कोई प्रोफेशनल एक्टर नहीं बल्कि रियल एक्टर्स हैं, जो कुपोषण मिटाने के लिए दिन रात लगे हैं।
ये वास्तव में डिस्ट्रिक्ट लीडर हैं जिन्हें स्वस्थ भारत प्रेरक कहा जाता है। जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार राव ने बताया कि ग्रामीणों को प्रतिदिन नाटकों के जरिए पोषण के जरिए जानकारी प्रतिदिन दी जा रही है। ताकि बच्चे, किशोरियों और महिलाओं को स्वस्थ्य जीवन दिया जा सके।
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इस दौरान गांवों की ओर से आने वालों के ग्रामीण के समक्ष 100 नुक्कड़ नाटकों के जरिए प्रस्तुत किया और कुपोषण की जानकारी दी। इस दौरान टीम ने 18 घंटे के भीतर सौ कार्यक्रमों को पेश ही नहीं की, बल्कि हस्ताक्षर अभियान चलाकर एक दिन में तीस हजार लोंगो का हस्ताक्षर कराकर रिकार्ड भी बनाया। विश्व में रिकार्ड दर्ज करने वाली संस्थाओं में से लिम्का बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज होंगे। इस अभियान में खास तो है कि नाटक करने वाले कोई प्रोफेशनल एक्टर नहीं बल्कि रियल एक्टर्स हैं, जो कुपोषण मिटाने के लिए दिन रात लगे हैं।
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ये वास्तव में डिस्ट्रिक्ट लीडर हैं जिन्हें स्वस्थ भारत प्रेरक कहा जाता है। जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार राव ने बताया कि ग्रामीणों को प्रतिदिन नाटकों के जरिए पोषण के जरिए जानकारी प्रतिदिन दी जा रही है। ताकि बच्चे, किशोरियों और महिलाओं को स्वस्थ्य जीवन दिया जा सके।
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