फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Gau Dhaba become center of attraction in Maha Kumbh Mela 2019 area

कुम्भ मेला में आकर्षण का केंद्र बना गऊ ढाबा, फ्रेंचाइजी के लिए लोग कर रहे पूछताछ

Sun, 27 Jan 2019 11:56 AM IST
shubham भाषा, प्रयागराज
भाषा, प्रयागराज Published by: shubham Updated Sun, 27 Jan 2019 11:56 AM IST
विज्ञापन
Gau Dhaba become center of attraction in Maha Kumbh Mela 2019 area
Kumbh tent city - फोटो : Social media
कुम्भ मेले में लोगों को गाय के घी से बना शुद्ध भोजन उपलब्ध करा रहा गऊ ढाबा लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और इस ढाबे की अवधारणा में फायदे की भारी संभावनाओं को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के उद्यमी फ्रैंजाइजी के लिए पूछताछ कर रहे हैं।
विज्ञापन


पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर पहला गऊ ढाबा शुरू करने वाले सतीश ने पीटीआई भाषा को बताया कि उन्हें गऊ ढाबा शुरू करने की प्रेरणा जनेऊ क्रांति के अगुवा चंद्रमोहन जी से मिली।
विज्ञापन


उन्होंने बताया, “गुजरात, महाराष्ट्र और ऋषिकेश से लोगों ने गऊ ढाबा की फ्रैंचाइजी लेने में रुचि दिखाई है, लेकिन हम सबसे पहले उन्हीं लोगों को इसकी फ्रैंचाइजी देंगे जो गोशाला का संचालन करते हैं। हमारा उद्देश्य इस ढाबे के जरिए गोरक्षा, गोपालन को बढ़ावा देना है।” कुम्भ मेला क्षेत्र के अरैल में गऊ ढाबा चला रहे ढाबा के प्रबंधक अश्वनी ने बताया, “मेरठ के पास शुक्रताल में हमारी 1,000 गायों की गोशाला है जहां शुद्ध देसी नस्ल की गायें हैं। इन्हीं गायों के दूध से तैयार घी का उपयोग हम गऊ ढाबा में करते हैं। यह घी परंपरागत ढंग से तैयार किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि गऊ ढाबा की सबसे बड़ी विशेषता है एकदम घर जैसा शुद्ध भोजन जिसमें किसी भी तरह की कृत्रिम चीजों का उपयोग नहीं किया जाता है। मुजफ्फरनगर स्थित गऊ ढाबे में छांछ भी परोसा जाता है क्योंकि वहां हमारी गोशाला मौजूद है।


उन्होंने बताया कि गऊ ढाबा दो तरह की थाली की पेशकश करता है जिसमें लोगों को चूल्हे की रोटी, देसी गाय के दूध से बनी खीर, शुद्ध तेल से तैयार सब्जियां, दाल, रायता, सलाद और पापड़ दिया जाता है। एक थाली 300 रुपये और दूसरी थाली 200 रुपये की है।

सतीश ने कहा कि गऊ ढाबा, गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं दूसरी ओर लोगों को इससे शुद्ध भोजन उपलब्ध हो सकता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed