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काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद: मंदिर पक्ष ने मस्जिद के अस्तित्व पर खडे़ किए सवाल, कहा- मंदिर तोड़कर बनाई गई

अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 29 Apr 2022 09:09 AM IST
सार

हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान मंदिर पक्ष की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने मस्जिद के अस्तित्व पर सवाल उठाया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि वहां पर मस्जिद काशी विश्वेश्वर नाथ मंदिर को तोड़कर बनाई गई है।

काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी परिक्षेत्र।
काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी परिक्षेत्र। - फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो
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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी विश्वेश्वर नाथ मंदिर व ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में गुरुवार को हुई सुनवाई में मस्जिद के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए गए। कहा गया कि मस्जिद विश्वेश्वर नाथ मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया की कोर्ट में इस प्रकरण में अब अगली सुनवाई 10 मई को होगी।



हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान मंदिर पक्ष की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने मस्जिद के अस्तित्व पर सवाल उठाया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि वहां पर मस्जिद काशी विश्वेश्वर नाथ मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। कोर्ट ने अपने आदेश में 1936 में अदालत द्वारा दिए गए आदेश को भी रेखांकित किया है। तर्क दिया गया कि पूर्व में दाखिल वाद केवल तीन मुस्लिमों से संबंधित था। वह सामान्य आदेश नहीं था। उस आदेश के आधार पर कोई दावा नहीं किया जा सकता है।


सुनवाई के दौरान सभी पक्ष मौजूद रहे और मंदिर पक्ष के अधिवक्ता की ओर से परिसर की स्थिति को लेकर जानकारी उपलब्ध कराई गई तो वहीं दूसरी ओर न्यायमूर्ति की ओर से भी साक्ष्यों को लेकर भी जानकारी ली गई। इसके अलावा न्यायमूर्ति पाड़िया ने आयुक्त द्वारा स्थल के निरीक्षण के बारे में भी पूछताछ की।

10 मई से पहले किया जाएगा निरीक्षण

बताया गया कि मामले में वाराणसी की जिला अदालत ने हाल ही में एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था, जहां पर विवादित स्थल के निरीक्षण और वीडियोग्रॉफ्री के लिए आयुक्त द्वारा श्रंगार गौरी और अन्य देवी-देवताओं के विग्रह मौजूदगी को लेकर साक्ष्यों का संकलन करना है। सुरक्षा की वजह से पूर्व में तय किए गए निरीक्षण की कार्रवाई को रोक दिया गया है। अब यह निरीक्षण 10 मई के पहले कर पूरी रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश होगी।

इस प्रकरण को लेकर मंदिर पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यदि आप सभी सबूतों और तथ्यों को देखें तो ज्ञानवापी मस्जिद चारों तरफ से चारदीवारी से घिरी हुई है जो कि मस्जिद से काफी पुरानी है, यह चहारदीवारी मंदिर का हिस्सा है। दोपहर के बाद हुई सुनवाई समय की कमी के कारण पूरी नहीं की जा सकी। अब इस प्रकरण की सुनवाई इसी कोर्ट में आगे भी जारी रहेगी।
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