प्रयागराज : जयंती पर याद किए गए कर्पूरी ठाकुर, भारत रत्न मिलना सही मायने में गरीबों का सम्मान
सामाजिक न्याय के योद्धा, गरीबों के मसीहा सादगी शुचिता एवं ईमानदारी के प्रतीक बिहार के दो-दो बार मुख्यमंत्री रहे जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिलना गरीबों का सही मायने में सम्मान है।
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। सामाजिक एकता परिषद की ओर से बैंक रोड पर गांधी अकादमिक संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य वक्ता डॉ. प्रमोद शर्मा नें कहा कि सामाजिक न्याय के योद्धा, गरीबों के मसीहा सादगी शुचिता एवं ईमानदारी के प्रतीक बिहार के दो-दो बार मुख्यमंत्री रहे जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिलना गरीबों का सही मायने में सम्मान है। वह निश्चित रूप से सामाजिक न्याय के लिए जीवन भर प्रयत्न करते रहे। गरीबों के प्रति समर्पित कर्पूरी ठाकुर ने 1978 में पिछड़े वर्ग को पृथक आरक्षण देने का काम किया था, जो देश के अन्य राज्यों में में भी पिछड़े वर्गों के आरक्षण में उनका फार्मूला लागू है।
उत्तर प्रदेश में आतिपिछ़ड़ी जातियों की हालत दलितों से भी दयनीय है। हम लोग पिछले 20 सालों ठाकुर जी को भारत रत्न देने की मांग की जा रही थी। उत्तर प्रदेश में ओबीसी आरक्षण में कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू किया जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि शासकीय अधिवक्ता भाजपा नेता विजय द्विवेदी नें कहा कि सही मायने में जमीन से जुड़े व्यक्ति को सरकार नें भारत रत्न देकर त्याग और समर्पण के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत किया है।
इविवि के डॉक्टर राजेश सिंह नें कहा कि कर्पूरी ठाकुर आजीवन वंचितों के लिए संघर्ष किए और उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया। परिषद के अध्यक्ष ओमप्रकाश शुक्ल नें कहा कि वर्तमान में राजनेताओं को जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। इस अवसर पर संस्थान के बच्चों ने जूलूस निकालकर जननायक कर्पूरी ठाकुर अमर रहें के नारे भी लगाए।