करेली हत्याकांड : निशाने पर था भाई, पर मां-बाप के कत्ल में भी नहीं कांपे हाथ
एसआरएन अस्पताल में आरिफ को एंबुलेंस से लेकर करीब चार बजे करेली पुलिस पहुंची। उसके माथे पर बाईं ओर कटने का निशान था और पैर में चोट लगी थी। पुलिस उसे लेकर सीधे ट्रामा सेंटर में पहुंची और प्राथमिक उपचार कराया।
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हत्यारोपी आरिफ पर बुधवार को खून सवार था। जायदाद के विवाद को निपटाने के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार था। पुलिस हिरासत में उसने खुद बताया कि उसका झगड़ा अपने भाई से था। भाई व भाभी से बात कर रहा था तभी वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। इसी दौरान अम्मी-अब्बू व बहन बीच में आ गए। इसके बाद जो हुआ, वह सबके सामने है।
एसआरएन अस्पताल में आरिफ को एंबुलेंस से लेकर करीब चार बजे करेली पुलिस पहुंची। उसके माथे पर बाईं ओर कटने का निशान था और पैर में चोट लगी थी। पुलिस उसे लेकर सीधे ट्रामा सेंटर में पहुंची और प्राथमिक उपचार कराया।
इस दौरान जब उससे वारदात का कारण पूछा गया तो उसने कहा कि उसका झगड़ा भाई से था। उसे एक-एक रुपये को मोहताज कर दिया गया। वह ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाता था। भाई के कहने पर पिता उसकी कोई मदद नहीं करते थे। इसीलिए वह घर का बंटवारा चाहता था।
जब भी वह इस बारे में बात करता तो भाई उसे उल्टा-सीधा कहने लगता था। बुधवार को भी वह भाई से ही बात कर रहा था तभी भाई की पत्नी उससे झगड़ा करने लगी। गुस्से में उसने कुल्हाड़ी उठाई तो बीच में अम्मी-अब्बू व बहन आ गई। काेतवाली पुलिस प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस करेली थाने ले गई। जहां भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सामने थी बहन की लाश, चेहरे पर शिकन नहीं
एसआरएन अस्पताल में हत्यारोपी आरिफ को ट्रामा सेंटर में रिसेप्शन काउंटर के सामने स्थित सीट पर ही उसे बैठाया गया था। पुलिसकर्मी उसे चारों ओर से घेरे हुए थे। इसी दौरान उसकी बहन निकहत जहां का शव लाया गया।
ईएमओ कक्ष के सामने ही स्ट्रेचर पर उसका शव पड़ा था। वहां मौजूद लोगों में चर्चा होने लगी कि करेली घटना में एक और मौत हो गई। यह सुनकर आरिफ ने पूछा कि स्ट्रेचर पर पड़ी महिला कौन है। पुलिसकर्मियों ने उसे बताया कि यह उसकी बहन निकहत है। वह काफी देर तक भावशून्य होकर बहन के शव की ओर देखता रहा। लेकिन चेहरे कोई शिकन न थी।
पिता को देख फेर लीं नजरें
इमरजेंसी कक्ष में ही उसके घायल पिता का इलाज चल रहा था। उनके माथे, दोनों हाथ व गर्दन में जख्म थे और खून भी बह रहा था। वह कराह रहे थे। इमरजेंसी कक्ष में ही आरिफ को को मरहम पट्टी के लिए ले जाया गया। उसकी पिता पर नजर पड़ी, अगले पल ही उसने नजरें फेर लीं।