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सात फीट गहरा गड्ढा खोद कर काटी गई कानपुर-बरौनी पाइप लाइन
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tel chori
- फोटो : प्रयागराज
प्रयागराज। करछना के गधियांव गांव केपास करीब सात फीट गहरा गड्ढा और चार फीट लंबा खोदकर इंडियन ऑयल की भूमिगत बरौनी -कानपुर पाइप लाइन में तेल चोर गिरोह ने ड्रिलिंग की थी। रेल लाइन के पास से गुजरी इंडियन ऑयल की इस पाइप लाइन में सॉकेट फिल कर तेल निकाले जाने के निशान मिले हैं। तेल कब से चोरी किया जा रहा था और अब तक कितने किलोलीटर तेल चोरी गया, इसका हिसाब फिलहाल इंडियन ऑयल की इस पाइप लाइन परियोजना से जुड़े अधिकारी नहीं सके। अफसरों का कहना है कि प्रेशर कम होने केबाद भी पाइप लाइन में हमेशा एक निश्चित मात्रा में तेल बना रहता है, ऐसे में कितना तेल निकाला गया, इसकी सटीक आकलन करना संभव नहीं है।
पाइप लाइन में सॉकेट फिट करने के लिए खोदा गया गड्ढा फिलहाल भरवा दिया गया है। कहा जा रहा है कि तेल चोर गिरोह केसदस्यों को बरौनी-कानपुर पाइप लाइन पर शट डाउन लिए जाने या प्रेशर न होने की सटीक जानकारी रही होगी, तभी वहां सॉकेट फिट किया जा सका। इंडियन ऑयल से जुड़े कुछ अफसरों का कहना है कि तेल चोर गिरोह ने पाइप लाइन सिस्टम की रेकी के बाद ही ऐसा कदम उठाया होगा। फिलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के छह दिन बाद बृहस्पतिवार को भी संबंधित विभाग के अफसरों को पता नहीं था कि कितनी मात्रा में डीजल चोरी गया। अलबत्ता ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों का कहना था कि जिस रात चोरी शुरू हुई, उसी रात पता चल गया था और सुबह पुलिस को सूचना दे दी गई थी। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि जहां पाइप लाइन में सॉकेट फिट कर तेल निकाला जा रहा था, वहां कई दिनों से रात भर वाहन खड़े दिखाई दे रहे थे। इसी शक को लेकर किसी ग्रामीण ने ही घंटों से वाहन खड़ा होने की सूचना पुलिस को दी थी और तब जाकर इस चेल चोरी का खुलासा हो सका था।
मिलीभगत के सबूत मिले तो होगी कार्रवाई: जीएम
प्रयागराज। इंडियन ऑयल की बरौनी-कानपुर पाइप लाइन के महाप्रबंधक मंजीत धीमान ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रेशर कम होने के बाद ही कंप्यूटर के जरिए ते चोरी का पता लग गया था। इसके बाद बरौनी से लेकर सूबेदारगंज तक की टीमें सतर्क कर दी गई थीं। मॉनीटरिंग कराई जा रही है। विभागीय कर्मचारियों की मिली भगत से तेल चोरी होने केसवाल पर उन्होंने कहा कि जांच में अगर इस तरह केसबूत पाए गए तो कंपनी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी।
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मांडा में पाइप लाइन से चोरों ने तीन करोड़ का चुराया था डीजल
मांडा। कुखुड़ी गांव के सामने कानपुर -बरौनी भूमिगत पाइप लाइन काटकर तेल निकालने का काला कारोबार तीन वर्ष पहले भी पकड़ा जा चुका है। तब मामला उजागर होने पर 21 मार्च 2015 को इंडियन ऑयल की ओर से सिद्वार्थ अवस्थी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें नागेंद्र सिंह पुत्र तिलकराज सिंह बादपुर थाना मांडा व सद्दाम हुसैन पुत्र इस्तेखार निवासी अली नगर, चंदौली तथा धीरू यादव पुत्र राजित उर्फ केतन निवासी अरूणपुर, थाना अली नगर चंदौली का नाम सामने आया था। तेल चोरी के इस मामले में दो आरोपितों कुलदीप सिंह निवासी हरियाणा व एक अन्य को पुलिस ने विवेचना के दौरान निकाल दिया था। इस मामले में 15 दिन में 72 टैंकर तेल पाइप से निकाला गया थ। जिसकी कीमत तीन करोड़ के आसपास आंकी गयी थी। इसके लिए पास के ही ढ़ाबे के अंदर गड्ढा खोदकर लगभग दस फीट नीचे से पाइप काटी गई थी। लगभग तीस फीट सड़क पार करके पाइप के सहारे टैंकरों में तेल भरा जाता था।
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पाइप लाइन में सॉकेट फिट करने के लिए खोदा गया गड्ढा फिलहाल भरवा दिया गया है। कहा जा रहा है कि तेल चोर गिरोह केसदस्यों को बरौनी-कानपुर पाइप लाइन पर शट डाउन लिए जाने या प्रेशर न होने की सटीक जानकारी रही होगी, तभी वहां सॉकेट फिट किया जा सका। इंडियन ऑयल से जुड़े कुछ अफसरों का कहना है कि तेल चोर गिरोह ने पाइप लाइन सिस्टम की रेकी के बाद ही ऐसा कदम उठाया होगा। फिलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के छह दिन बाद बृहस्पतिवार को भी संबंधित विभाग के अफसरों को पता नहीं था कि कितनी मात्रा में डीजल चोरी गया। अलबत्ता ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों का कहना था कि जिस रात चोरी शुरू हुई, उसी रात पता चल गया था और सुबह पुलिस को सूचना दे दी गई थी। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि जहां पाइप लाइन में सॉकेट फिट कर तेल निकाला जा रहा था, वहां कई दिनों से रात भर वाहन खड़े दिखाई दे रहे थे। इसी शक को लेकर किसी ग्रामीण ने ही घंटों से वाहन खड़ा होने की सूचना पुलिस को दी थी और तब जाकर इस चेल चोरी का खुलासा हो सका था।
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मिलीभगत के सबूत मिले तो होगी कार्रवाई: जीएम
प्रयागराज। इंडियन ऑयल की बरौनी-कानपुर पाइप लाइन के महाप्रबंधक मंजीत धीमान ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रेशर कम होने के बाद ही कंप्यूटर के जरिए ते चोरी का पता लग गया था। इसके बाद बरौनी से लेकर सूबेदारगंज तक की टीमें सतर्क कर दी गई थीं। मॉनीटरिंग कराई जा रही है। विभागीय कर्मचारियों की मिली भगत से तेल चोरी होने केसवाल पर उन्होंने कहा कि जांच में अगर इस तरह केसबूत पाए गए तो कंपनी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी।
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मांडा में पाइप लाइन से चोरों ने तीन करोड़ का चुराया था डीजल
मांडा। कुखुड़ी गांव के सामने कानपुर -बरौनी भूमिगत पाइप लाइन काटकर तेल निकालने का काला कारोबार तीन वर्ष पहले भी पकड़ा जा चुका है। तब मामला उजागर होने पर 21 मार्च 2015 को इंडियन ऑयल की ओर से सिद्वार्थ अवस्थी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें नागेंद्र सिंह पुत्र तिलकराज सिंह बादपुर थाना मांडा व सद्दाम हुसैन पुत्र इस्तेखार निवासी अली नगर, चंदौली तथा धीरू यादव पुत्र राजित उर्फ केतन निवासी अरूणपुर, थाना अली नगर चंदौली का नाम सामने आया था। तेल चोरी के इस मामले में दो आरोपितों कुलदीप सिंह निवासी हरियाणा व एक अन्य को पुलिस ने विवेचना के दौरान निकाल दिया था। इस मामले में 15 दिन में 72 टैंकर तेल पाइप से निकाला गया थ। जिसकी कीमत तीन करोड़ के आसपास आंकी गयी थी। इसके लिए पास के ही ढ़ाबे के अंदर गड्ढा खोदकर लगभग दस फीट नीचे से पाइप काटी गई थी। लगभग तीस फीट सड़क पार करके पाइप के सहारे टैंकरों में तेल भरा जाता था।