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जस्टिस सुधीर अग्रवाल बने एशिया के सबसे अधिक मुकदमे तय करने वाले जज
Thu, 23 Apr 2020 07:51 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 23 Apr 2020 07:51 PM IST
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justice sudhir agrawal
- फोटो : prayagraj
इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल एशिया के सबसे अधिक मुकदमे तय करने वाले न्यायाधीश बन गए हैं। 23अप्रैल 2020 को सेवा अवकाश लेने तक न्यायमूर्ति अग्रवाल ने एक लाख चालीस हजार साठ मुकदमे तय कर कीर्तिमान स्थापित किया। बृहस्पतिवार को उन्हें मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर की अध्यक्षता में फुलकोर्ट फेयरवेल में भावभीनी विदायी दी गयी।
न्यायमूर्ति अग्रवाल ने अयोध्या राम जन्म भूमि विवाद, ज्योतिष पीठ शंकराचार्य विवाद,प्राइमरी स्कूलो की दशा सुधारने के लिए नेताओं व ब्यूरोक्रेट के बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाना अनिवार्य करने,प्रदर्शन के दौरान संपति की भरपाई करने,शंकरगढ़ रियासत से 45 गांवों को मुक्त करने ,एडेड अल्पसंख्यक विद्यालयों में लिखित परीक्षा से अध्यापक भर्ती प्रक्रिया वैध करार देने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले दिये।
न्यायमूर्ति अग्रवाल का जन्म फिरोजाबाद में हुआ। वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता रहे।5अक्तूबर 2005को न्यायमूर्ति बने ।10अगस्त 2007को,स्थायी न्यायमूर्ति बने और 23अप्रैल 20को सेवा अवकाश ग्रहण किया।
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न्यायमूर्ति अग्रवाल ने अयोध्या राम जन्म भूमि विवाद, ज्योतिष पीठ शंकराचार्य विवाद,प्राइमरी स्कूलो की दशा सुधारने के लिए नेताओं व ब्यूरोक्रेट के बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाना अनिवार्य करने,प्रदर्शन के दौरान संपति की भरपाई करने,शंकरगढ़ रियासत से 45 गांवों को मुक्त करने ,एडेड अल्पसंख्यक विद्यालयों में लिखित परीक्षा से अध्यापक भर्ती प्रक्रिया वैध करार देने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले दिये।
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न्यायमूर्ति अग्रवाल का जन्म फिरोजाबाद में हुआ। वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता रहे।5अक्तूबर 2005को न्यायमूर्ति बने ।10अगस्त 2007को,स्थायी न्यायमूर्ति बने और 23अप्रैल 20को सेवा अवकाश ग्रहण किया।
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