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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Jaya had openly asked for votes for Amitabh by calling her the daughter-in-law of Allahabad.

Prayagraj : इलाहाबाद की बहु बताकर जया ने मुंह दिखाई में मांगा था अमिताभ के लिए वोट

Mon, 01 Apr 2024 05:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 01 Apr 2024 05:07 PM IST
सार

जय बच्चन हेमवती को हराने के लिए वह शहर के चाक-चौराहों, गली मोहल्लों में घूम-घूमकर प्रचार करती नजर आईं थीं। उस दौरान उन्होंने अपने सिर से साड़ी का पल्लू नहीं हटने दिया। इस दौरान अपनी मुंह दिखाई के बदले इलाहाबाद (अब प्रयागराज ) के लोगों से अमिताभ बच्चन के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी।

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Jaya had openly asked for votes for Amitabh by calling her the daughter-in-law of Allahabad.
अमिताभ और जया बच्चन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

1984 का चुनाव कई मायनों में काफी अलग रहा। हेमवती नंदन बहुगुणा को इलाहाबाद संसदीय सीट से हराने के लिए कांग्रेस ने सिनेमा स्टार अमिताभ बच्चन को तब टिकट थमा दिया था। इस सीट पर चुनाव प्रचार के लिए अमिताभ के लिए वोट मांगने आईं जया बच्चन ने खुद को इलाहाबाद की बहु बताकर अपने पति के लिए वोट मांगा था।

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हेमवती को हराने के लिए वह शहर के चाक-चौराहों, गली मोहल्लों में घूम-घूमकर प्रचार करती नजर आईं थीं। उस दौरान उन्होंने अपने सिर से साड़ी का पल्लू नहीं हटने दिया। इस दौरान अपनी मुंह दिखाई के बदले इलाहाबाद (अब प्रयागराज ) के लोगों से अमिताभ बच्चन के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी।
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वर्ष 1984 के चुनाव में नामांकन होने के बाद ही अमिताभ बच्चन ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। उस बैठक में अमिताभ के साथ अशोक बाजपेई जैसे दिग्गज नेता शामिल थे। तब अमिताभ से कहा गया कि हेमवती नंदन बहुगुणा ने यहां बहुत काम किया है। उन्हें इलाहाबाद का बच्चा-बच्चा जानता है। विशेषकर अकलियत (मुस्लिम ) के लोग उन्हें ‘कायदे आजम ’ के नाम से संबोधित करते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

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अमिताभ बच्चन को यह भी बताया गया कि जब केंद्र सरकार में हेमवती संचार मंत्री थे तब उन्होंने नैनी जैसे वीरान इलाके में आईटीआई (इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज) जैसी बड़ी कंपनी की स्थापना की। जिसमें पांच हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उनके कर्मचारी अपने परिवार सहित इलाहाबाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे हैं। इसके साथ बहुगुणा ने बीपीसीएल, रेमंड आदि एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियों की स्थापना की।

पेट्रोलियम मंत्री के रूप में भी इलाहाबाद में उन्होंने बहुत काम किया है। ऐसे में उन्हें हराना आसान नहीं है। इतना सुनते ही अमिताभ बच्चन और जया बच्चन दोनों चिंतित हो उठे। अमिताभ और जया ने वरिष्ठ लोगों के साथ बैठक की। उस बैठक में चुनाव की रणनीति के तहत जया बच्चन ने अलग से गाड़ी लेकर मुटठीगंज, मालवीय नगर, कीडगंज, कटरा, अल्लापुर, दारागंज आदि घनी आबादी वाले मोहल्लों और बाजारों में घर-घर दस्तक देनी शुरू कर दी।

वरिष्ठ समाजवादी नेता केके श्रीवास्तव बताते हैं कि एक-एक मतदाता से मिलने की रणनीति पर काम करते हुए तब जया ने लोगों से कहा कि अमिताभ बच्चन इलाहाबाद के हैं। इस नाते में आपकी बहु हूं। मुझे मुंह दिखाई में सिर्फ अमिताभ के लिए वोट चाहिए। उनकी यह अपील काम कर गई। उस समय के समाचार पत्रों में भी उसका प्रकाशन हुआ। चुनाव परिणाम आया तो वह चौंकाने वाला रहा। अमिताभ ने तब इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र की सबसे बड़ी जीत हासिल की।

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