Janmashtami 2020:संगमनगरी के मंदिरों से घरों तक मची श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम, कान्हा के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन, देखें माखनचोर की छवियां
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रंग-बिरंगे फूलों, कामिनी-अशोक की हरी पत्तियों और तरह-तरह के आभूषणों से कृष्ण के बाल रूप की नयनाभिराम झांकियां सोमवार को घरों से लेकर मंदिरों तक सजाई गईं। भादों अष्टमी की आधी रात कृष्ण जन्म की बधाई बजने लगी। घंटे, घड़ियाल के साथ आरती हुई और महिलाओं ने सोहर गान किया। इसी के साथ जय कन्हैया लाल की... हाथी घोड़ा पालकी केजयकारों से वातावरण गूंज उठा।
जगह-जगह बच्चे लड्डू गोपाल के रूप में सजे नजर आए। कृष्ण रूप सज्जा आकर्षण का केंद्र बनी रही। शहर के कई मंदिरों में बुधवार को भी कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर सोमवार को सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल बन गया था। बलुआ घाट स्थित प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में भोर में 4:30 बजे राधा-कृष्ण की आरती के साथ ही तीन दिवसीय जन्मोत्सव आरंभ हो गया।
राधा-कृष्ण की फूलों से भव्य झांकी सजाई गई। झांकी दर्शन सुबह 7:30 से रात 8:30 बजे तक चला। बुधवार की सुबह आठ से रात एक बजे तक झांकी दर्शन होंगे। इसी तरह पान दरीबा स्थित भगवान आनंद बिहारी राधा कृष्ण मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम मची रही। दोपहर 12 बजे ही जन्मोत्सव मनाया गया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालु भजन कीर्तन पर मुग्ध हो रहे थे।
रात 12 बजे महाआरती के साथ भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की बधाई बजने लगी। मंदिर के महंत पं दिगंबर प्रसाद त्रिपाठी ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जन्मोत्सव कराया। इस मौके पर ओम प्रकाश चौरसिया, किशोरी लाल रावत, कृष्णानंद त्रिपाठी, अजय मोदनवाल समेत कई लोग उपस्थित थे। जन्मोत्सव के बाद भजन -कीर्तन और सोहर गान भी हुआ।