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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Jaidev and 32 others got bail in Agra's Panwari case, special court had pronounced the sentence

UP : आगरा के पनवारी कांड में जयदेव सहित 32 को मिली जमानत, दोष सिद्ध को किया निलंबित

Wed, 03 Sep 2025 01:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 03 Sep 2025 01:52 PM IST
सार

आगरा के चर्चित पनवारी कांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट आगरा द्वारा दोषी ठहराए गए 32 याचियों को राहत देते हुए दोष सिद्धि पर रोक लगा दी। साथ ही जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। 

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Jaidev and 32 others got bail in Agra's Panwari case, special court had pronounced the sentence
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा के चर्चित पनवारी कांड में दोषी ठहराए गए 32 अपीलकर्ताओं की दोषसिद्ध को निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की एकलपीठ ने जयदेव और 31 अन्य की अपील पर दिया है।

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आगरा के कागारौल थाने में जयदेव व 31 अन्य पर 1990 में एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) ने मई 2025 में सभी अपीलकर्ताओं को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। जयदेव व अन्य ने दोषसिद्धि और सजा के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है।

अभियोजन पक्ष के 27 गवाहों के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। अधिकांश अपीलकर्ता 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। 28 मई 2025 से जेल में हैं। साथ ही सभी अपीलकर्ता मुकदमे के दौरान जमानत पर थे। उन्होंने कभी भी जमानत की शर्तों का दुरुपयोग नहीं किया। अपील की अंतिम सुनवाई में समय लग सकता है। ऐसे में अपीलकर्ताओं को जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया।

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इनको मिली जमानत

जयदेव, राजेंद्र, पप्पू, तेजवीर सिंह, बन्नो, जीतू उर्फ जीतीराम, कुंवर पाल, कल्लो, श्यामवीर, लीलाधर, भूपेंद्र, सत्तो, महेश, नाहर सिंह, रामवीर, सरेंद्र, रामजीत, निरंजन, हरभान, पूरण सिंह, देवी सिंह, उम्मेदी, विज्जो, रामजीत, महेंद्र सिंह, संतो उर्फ संतराम, सुजान, सूडान उर्फ सौदान, महताब, दंगल, रज्जो उर्फ राजू और संपत को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।

यह है मामला

1990 में आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के पनवारी गांव में बेटी की शादी के दौरान कुछ लोगों ने बरात चढ़ाने का विरोध किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता गया। गोलीबारी में सोनी राम जाट की मौत हो गई थी। इससे आगरा में गांव से शहर तक हिंसा भड़क उठी थी। अकोला के पास ऊदल गांव में कई परिवारों पर एक समाज के लोगों ने हमला कर दिया था। कागारौल की पुलिस ने बलवा, जानलेवा हमला, तोड़फोड़, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा, एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय ने 32 लोगों को दोषी ठहराया था।

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