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दीपों की झिलमिल आभा से जगमगाया संगम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 05 Nov 2017 01:30 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। कार्तिक पूर्णिमा शनिवार को देव दीपावली मनाई गई। संगम सहित गंगा और यमुना के तट दीपों की आभा से झिलमिलाए। संगम क्षेत्र जगमगाया, गंगा की आरती उतारी गई तो गंगा गीत गूंजे। आकर्षक रंगोली से घाट भी सजे। वहीं अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की ओर से दीपदान किया गया। घरों में भी दीप जलाए गए और सत्यनारायण कथा सुनी गई।
हरिहर आरती समिति की ओर से स्वच्छता संकल्प के साथ रामघाट से लेकर दशाश्वमेघ घाट तक दीपों की आभा निखरी। वैदिक मंत्रों के साथ गंगा आरती उतारी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुशीला नटराजन नृत्य विद्यालय भारद्वाजपुरम के बाल कलाकारों ने गंगा जी पर आधारित कथक नृत्य की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध किया। नेहा कुमारी एवं मारीशा बरनवाल के निर्देशन में बच्चों ने राधा-कृष्ण, महिषासुर मर्दिनी नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति से लुभाया। गौरी अदिति, गौरी शुक्ला, प्रियांशी, पीहू ने शाबाशी पाई। इसके पहले महासचिव अवधेश चंद्र गुप्ता ने सभी को संगम सहित गंगा-यमुना के तटों को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई। शुरूआत अध्यक्ष सुरेश चंद्रा द्वारा गणेश वंदना से हुई। महंत ओंकार देव गिरि ने आरती उतारी। इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय, लाल जी यादव, मिठाई लाल, संजय कुमार, संजू मेहरोत्रा, राधेश्याम, रेनू मिश्रा, शालीन दुबे, वैभव, प्रमोद शर्मा, कैलाश मिश्रा, नरेंद्र मौर्य आदि उपस्थित रहे। वेणी माधव जन सेवा संस्था की ओर से गंगा तट पर दीपदान किया गया। गंगा सेवा अभियानम की ओर से रसूलाबाद घाट पर दीपदान आरती के बाद गंगा गान हुआ।
कार्तिक महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बलुआघाट बारादरी पर हजारों दीप जलाए गए तो पूरी बारादरी जगमगा उठी। 21नावों से 21हजार दीपों को प्रज्वलित कर यमुना में प्रवाहित किया गया। सीढ़ियों पर भी रंगोली और दीपों की कतार सजी। यमुना पूजन आरती के बाद सांस्कृतिक केंद्र के न्योते पर जुटे कलाकारों ने लोक नृत्यों की प्रस्तुति से लुभाया। सुबोध प्रमाणिक दल के लोक कलाकारों ने छऊ एवं पाइका नृत्य प्रस्तुत कर मनमोहा। आतिशबाजी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। अध्यक्ष महेंद्र पांडेय, महामंत्री शशांक शेखर पांडेय ने आरती उतारी और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार पांडेय, सनी अग्रहरि, ओमप्रकाश, मनोज त्रिपाठी, अनिल हांडा, मक्खन लाल, रमेश केसरवानी, फूलचंद्र, प्रवीण केसरवानी, मुन्नू लाल रस्तोगी, गोपाल कृष्ण पांडेय, रामनरेश शर्मा, शिवनाथ चौरसिया, कृपाशंकर कुशवाहा आदि उपस्थित थे।
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यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने मनकामेश्वर घाट पर बहुपात्रों से यमुना जी की आरती उतारी। यमुना जी की महिमा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्तिक मास में सूर्य पुत्री यमुना के जल में स्नान करने से आरोग्यता एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। माधव स्वरूप में भगवान विष्णु विराजे हैं। इसके पहले मनकामेश्वर महादेव की पूजा हुई। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। इस अवसर पर आचार्य रामचंद्र शुक्ला, मनोज गौतम, राधे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
नागवासुकी मंदिर समिति एवं प्रयागराज सेवा समिति की ओर से देव दीपावली पर नागवासुकी का रत्न और फूलों से शृंगार किया गया। मंदिर परिसर, घाटों पर दीपदान हुआ । पुजारी श्यामधर त्रिपाठी एवं धर्मराज पांडेय ने दीप जलाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की। विजय शुक्ल एवं साथियों ने गंगा की महिमा का बखान करने वाले एक से बढ़कर एक भजन सुनाएं। तीर्थराज पांडेय की अगुवाई में परिवार के कल्याणार्थ दीप जलाया और संगम को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने की कामना से महाआरती हुई। आभार फूलचंद्र दुबे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भक्तराज पांडेय, राजेंद्र तिवारी, अंशुमान त्रिपाठी, रवि त्रिपाठी, धनश्याम, राम जी पांडेय, शिव बरन मिश्र, अशोक, योगिता दुबे, रवि, प्रभुराज, कात्यायनी, कुलदीप श्रीवास्तव, प्रशांत शुक्ला आदि उपस्थित रहे। ।
अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा की ओर संगम क्षेत्र महावीर मार्ग पर 21हजार दीप जलाए गए। गंगा -यमुना की निर्मलता के लिए संकल्प और मोक्षदायिनी की महिमा का गुणगान किया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण त्रिपाठी, अनूप त्रिपाठी, विपुल पांडे आदि उपस्थित थे।
देव दीपावली पर बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में निशान चढ़ाने को भीड़ उमड़ी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के सानिध्य में मंदिर एवं किलाघाट पर दीपदान हुआ। शनिवार का दिन होने से बड़े हनुमान जी की पूजा-अर्चना को शहर के ही नहीं वरन आसपास के जिलों से भी लोग आए। गंगा मइया की जय, बड़े हनुमान जी की जय के घोष से संगम नोज से लेकर मंदिर तक का रास्ता गूंजता रहा। शाम को शृंगार एवं महाआरती हुई। महंत नरेंद्र गिरि ने आरती उतारी। उन्होंने सभी को देवदीपावली की शुभकामना भी दी।
इलाहाबाद। देव दीपावली पर शनिवार को संगम तट दीपाें की रोशनी से जगमग हुआ। गंगा की लहरों संग टिमटिमाते दीप विशेष आकर्षण रहे तो आतिशबाजी तथा सांस्कृतिक आयोजनों ने भी लोगों को लुभाया। इस आयोजन तथा गंगा आरती के हजाराें लोग हिस्सा बने तथा दीप जलाए। इनमें बच्चों की भी बड़ी संख्या रही। प्रशासन और इलाहाबाद फायर वर्क्स एसोसिएशन की ओर से डेढ़ लाख दीप जलाए जाने के दावे किए गए तो लोगों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। विगत कुछ वर्षों से शुरू इस उत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखा।
न्यायाधीश कृष्ण मुरारी ने दीप प्रज्वल कर आयोजन की शुरुआत की। कार्यक्रम में न्यायाधीश बीके नारायण, कृष्ण सिंह, सिद्धार्थ, अनिल त्रिपाठी, बिग्रेडियर एसएल जोशी, आरएएफ कंमाडेंट दिनेश चंदेल, डीएम सुहास एलवाई, एडीजी एसएसपी समेत पूरा प्रशानिक अमला मौजूद रहा। मनोज गुप्ता की भजन प्र्रस्तुतियाें ने माहौल को भक्तिमय बना दिया तो कथक, चारकुला, झूमर आदि प्रस्तुतियों ने भी लोगों को बांधे रखा। इस मौके पर कादिर भाई के सहयोग से आतिशबाजी भी हुई। कार्यक्त्रस्म का संचालन डॉ.रंजना त्रिपाठी ने किया। देव दीपावली के मौके पर विभिन्न चौराहो को भी रंग बिरंगे झालरों से सजाया गया।
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हरिहर आरती समिति की ओर से स्वच्छता संकल्प के साथ रामघाट से लेकर दशाश्वमेघ घाट तक दीपों की आभा निखरी। वैदिक मंत्रों के साथ गंगा आरती उतारी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुशीला नटराजन नृत्य विद्यालय भारद्वाजपुरम के बाल कलाकारों ने गंगा जी पर आधारित कथक नृत्य की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध किया। नेहा कुमारी एवं मारीशा बरनवाल के निर्देशन में बच्चों ने राधा-कृष्ण, महिषासुर मर्दिनी नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति से लुभाया। गौरी अदिति, गौरी शुक्ला, प्रियांशी, पीहू ने शाबाशी पाई। इसके पहले महासचिव अवधेश चंद्र गुप्ता ने सभी को संगम सहित गंगा-यमुना के तटों को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई। शुरूआत अध्यक्ष सुरेश चंद्रा द्वारा गणेश वंदना से हुई। महंत ओंकार देव गिरि ने आरती उतारी। इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार पांडेय, लाल जी यादव, मिठाई लाल, संजय कुमार, संजू मेहरोत्रा, राधेश्याम, रेनू मिश्रा, शालीन दुबे, वैभव, प्रमोद शर्मा, कैलाश मिश्रा, नरेंद्र मौर्य आदि उपस्थित रहे। वेणी माधव जन सेवा संस्था की ओर से गंगा तट पर दीपदान किया गया। गंगा सेवा अभियानम की ओर से रसूलाबाद घाट पर दीपदान आरती के बाद गंगा गान हुआ।
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कार्तिक महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बलुआघाट बारादरी पर हजारों दीप जलाए गए तो पूरी बारादरी जगमगा उठी। 21नावों से 21हजार दीपों को प्रज्वलित कर यमुना में प्रवाहित किया गया। सीढ़ियों पर भी रंगोली और दीपों की कतार सजी। यमुना पूजन आरती के बाद सांस्कृतिक केंद्र के न्योते पर जुटे कलाकारों ने लोक नृत्यों की प्रस्तुति से लुभाया। सुबोध प्रमाणिक दल के लोक कलाकारों ने छऊ एवं पाइका नृत्य प्रस्तुत कर मनमोहा। आतिशबाजी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। अध्यक्ष महेंद्र पांडेय, महामंत्री शशांक शेखर पांडेय ने आरती उतारी और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार पांडेय, सनी अग्रहरि, ओमप्रकाश, मनोज त्रिपाठी, अनिल हांडा, मक्खन लाल, रमेश केसरवानी, फूलचंद्र, प्रवीण केसरवानी, मुन्नू लाल रस्तोगी, गोपाल कृष्ण पांडेय, रामनरेश शर्मा, शिवनाथ चौरसिया, कृपाशंकर कुशवाहा आदि उपस्थित थे।
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यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने मनकामेश्वर घाट पर बहुपात्रों से यमुना जी की आरती उतारी। यमुना जी की महिमा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्तिक मास में सूर्य पुत्री यमुना के जल में स्नान करने से आरोग्यता एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। माधव स्वरूप में भगवान विष्णु विराजे हैं। इसके पहले मनकामेश्वर महादेव की पूजा हुई। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। इस अवसर पर आचार्य रामचंद्र शुक्ला, मनोज गौतम, राधे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
नागवासुकी मंदिर समिति एवं प्रयागराज सेवा समिति की ओर से देव दीपावली पर नागवासुकी का रत्न और फूलों से शृंगार किया गया। मंदिर परिसर, घाटों पर दीपदान हुआ । पुजारी श्यामधर त्रिपाठी एवं धर्मराज पांडेय ने दीप जलाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की। विजय शुक्ल एवं साथियों ने गंगा की महिमा का बखान करने वाले एक से बढ़कर एक भजन सुनाएं। तीर्थराज पांडेय की अगुवाई में परिवार के कल्याणार्थ दीप जलाया और संगम को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने की कामना से महाआरती हुई। आभार फूलचंद्र दुबे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भक्तराज पांडेय, राजेंद्र तिवारी, अंशुमान त्रिपाठी, रवि त्रिपाठी, धनश्याम, राम जी पांडेय, शिव बरन मिश्र, अशोक, योगिता दुबे, रवि, प्रभुराज, कात्यायनी, कुलदीप श्रीवास्तव, प्रशांत शुक्ला आदि उपस्थित रहे। ।
अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा की ओर संगम क्षेत्र महावीर मार्ग पर 21हजार दीप जलाए गए। गंगा -यमुना की निर्मलता के लिए संकल्प और मोक्षदायिनी की महिमा का गुणगान किया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण त्रिपाठी, अनूप त्रिपाठी, विपुल पांडे आदि उपस्थित थे।
देव दीपावली पर बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में निशान चढ़ाने को भीड़ उमड़ी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के सानिध्य में मंदिर एवं किलाघाट पर दीपदान हुआ। शनिवार का दिन होने से बड़े हनुमान जी की पूजा-अर्चना को शहर के ही नहीं वरन आसपास के जिलों से भी लोग आए। गंगा मइया की जय, बड़े हनुमान जी की जय के घोष से संगम नोज से लेकर मंदिर तक का रास्ता गूंजता रहा। शाम को शृंगार एवं महाआरती हुई। महंत नरेंद्र गिरि ने आरती उतारी। उन्होंने सभी को देवदीपावली की शुभकामना भी दी।
इलाहाबाद। देव दीपावली पर शनिवार को संगम तट दीपाें की रोशनी से जगमग हुआ। गंगा की लहरों संग टिमटिमाते दीप विशेष आकर्षण रहे तो आतिशबाजी तथा सांस्कृतिक आयोजनों ने भी लोगों को लुभाया। इस आयोजन तथा गंगा आरती के हजाराें लोग हिस्सा बने तथा दीप जलाए। इनमें बच्चों की भी बड़ी संख्या रही। प्रशासन और इलाहाबाद फायर वर्क्स एसोसिएशन की ओर से डेढ़ लाख दीप जलाए जाने के दावे किए गए तो लोगों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। विगत कुछ वर्षों से शुरू इस उत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखा।
न्यायाधीश कृष्ण मुरारी ने दीप प्रज्वल कर आयोजन की शुरुआत की। कार्यक्रम में न्यायाधीश बीके नारायण, कृष्ण सिंह, सिद्धार्थ, अनिल त्रिपाठी, बिग्रेडियर एसएल जोशी, आरएएफ कंमाडेंट दिनेश चंदेल, डीएम सुहास एलवाई, एडीजी एसएसपी समेत पूरा प्रशानिक अमला मौजूद रहा। मनोज गुप्ता की भजन प्र्रस्तुतियाें ने माहौल को भक्तिमय बना दिया तो कथक, चारकुला, झूमर आदि प्रस्तुतियों ने भी लोगों को बांधे रखा। इस मौके पर कादिर भाई के सहयोग से आतिशबाजी भी हुई। कार्यक्त्रस्म का संचालन डॉ.रंजना त्रिपाठी ने किया। देव दीपावली के मौके पर विभिन्न चौराहो को भी रंग बिरंगे झालरों से सजाया गया।