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परिवार की जिम्मेदारी है कि बेटे-बेटी को समझें बराबर : नीलिमा

Mon, 28 Dec 2020 09:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 28 Dec 2020 09:59 PM IST
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It is the responsibility of the family to understand son and daughter equally: Neelima
नीलिमा कटियार - फोटो : अमर उजाला
महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में बराबरी की सहभागिता के साथ आगे बढ़ रहीं हैं। वर्जनओं और सीमाओं को आज तोड़ा जा रहा है। महिलाएं मानसिक रूप से सशक्त हो रही हैं, लेकिन अभी भी बहुत बड़ा संघर्ष और व्यवस्था परिवर्तन होना बाकी है। यह परिवार के लोगों की जिम्मेदारी है कि बेटे-बेटी को बराबर समझें। यह बात प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार ने सोमवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित व्याख्यान में कही।
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साप्ताहिक अटल जन्मोत्सव सप्ताह के समापन पर ‘मिशन शक्ति, उच्च शिक्षण संस्थाओं की भूमिका और चुनौतियां’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि नीलिमा कटियार ने कहा कि शक्ति एवं सामर्थ्य मातृत्व से ही पाया जा सकता है। कहा कि आज सीमा सुरक्षा बल में महिलाओं को स्थान दिया जा रहा है। सीआरपीएफ की दो बटालियन महिलाओं के लिए आरक्षित की गईं हैं। पुलिसिंग में 35 फीसदी स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित है। मुद्रा योजनाओं में ऐसे प्रावधान है जिनमें महिलाओं को 70 फीसदी वरीयता दी जा रही है। मनरेगा में भी दुर्गम प्रकार के कार्यों में महिलाएं देश के विकास में योगदान दे रहीं हैं। 
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इसके साथ ही विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में महिलाएं सर्वोच्च स्थान के साथ पदक प्राप्त कर रहीं हैं। महत्वाकांक्षी मंगल मिशन में भी 27 फीसदी महिला वैज्ञानिक हैं। साथ ही कोर ग्रुप को नेतृत्व करनी वाली वैज्ञानिक भी महिला है। महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि 10 दिन पहले जब नलकूप चालक भर्ती का परिणाम घोषित किया गया तो उसमें कानपुर की कल्पना ने टॉप किया। 
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कहा कि छात्राओं को आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी एवं साहसी बनाने में उच्च शिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान है। अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि जिस परिवार एवं समाज में महिला का सम्मान नहीं होगा, वह उजड़ जाएगा। हमें महिलाओं के सम्मान की शुरुआत घर से ही करनी चाहिए। व्याख्यान का संचालन डॉ. सुरेंद्र कुमार, अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवर्तन प्रो. पीके पांडेय, अतिथियों का परिचय प्रो. दिनेश सिंह औ धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने किया।
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