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हाईकोर्ट ने कहा : कृषि भूमि खरीदे या अधिग्रहीत किए बगैर तार का बाड़ लगाना ठीक नहीं
Mon, 09 Sep 2024 02:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 09 Sep 2024 02:58 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता और न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने जेवर तहसील के रबूपुरा गांव के धर्मेंद्र कुमार और आठ अन्य किसानों की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचियों की दलील है कि यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने फिल्म सिटी के लिए किसानों से जमीन खरीदने की बातचीत शुरू की, लेकिन कीमत को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी नोएडा के सेक्टर-11 में प्रस्तावित फिल्म सिटी से तार के बाड़ को हटाने का आदेश दिया है। कहा, किसानों की कृषि भूमि खरीदे या अधिग्रहीत किए बगैर तार का बाड़ लगाकर की गई घेराबंदी ठीक नहीं है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता और न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने जेवर तहसील के रबूपुरा गांव के धर्मेंद्र कुमार और आठ अन्य किसानों की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचियों की दलील है कि यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने फिल्म सिटी के लिए किसानों से जमीन खरीदने की बातचीत शुरू की, लेकिन कीमत को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
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इस कारण किसानों ने जमीन का बैनामा नहीं किया और न ही सरकार ने अधिग्रहण किया है। इसके बावजूद यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने खेतों की तार के बाड़ से घेराबंदी कर ली है। फिल्म सिटी योजना में फिल्म निर्माता बोनी कपूर, आशीष भूटानी ग्रुप भी शामिल हैं। यहां सैकड़ों एकड़ में फिल्म सिटी बनाने की योजना है।
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याचिका में जमीन के कब्जे में दखल देने से रोकने और जब तक बैनामा न हो जाए, तार का बाड़ हटाने की मांग की गई है। यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के अधिवक्ता ने माना कि जमीन का बैनामा नहीं हुआ है। किसान एक ओर बैनामा करना चाहते हैं तो दूसरी तरफ कई तरह की आपत्ति भी कर रहे हैं।