Prayagraj : देश भर में रेल पटरी की सेहत सुधारने वाला आईआरटीएमटीसी होगा हाईटेक
देशभर के सभी जोनल रेलवे की रेल पटरियों की सेहत सुधारने के लिए अफसरों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे भारतीय रेल ट्रैक मशीन प्रशिक्षण केंद्र (आईआरटीएमटीसी) शनिवार 17 मई को 41 वर्ष का हो रहा है।
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देशभर के सभी जोनल रेलवे की रेल पटरियों की सेहत सुधारने के लिए अफसरों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे भारतीय रेल ट्रैक मशीन प्रशिक्षण केंद्र (आईआरटीएमटीसी) शनिवार 17 मई को 41 वर्ष का हो रहा है। 17 मई 1984 को स्थापित इस केंद्र को अब और ज्यादा हाईटेक बनाया जाएगा।
यहां प्रशिक्षुओं की सीटों की संख्या दोगुनी होने जा रही है। वहीं, विदेशी प्रशिक्षुओं को भी यहां प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। बताया जा रहा है कि भारत जिन देशों को अपने लोकोमोटिव बेचता है, पहले उन्हीं देशों के प्रशिक्षुओं को यहां प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। इन देशों में श्रीलंका, अफ्रीका आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
प्रयागराज के सूबेदारगंज स्थित आईआरटीएमटीसी देश का इकलौता प्रशिक्षण केंद्र है, जहां पूरे देश से रेलकर्मी व अधिकारी प्रशिक्षण लेने के लिए आते हैं। यहां एक सप्ताह से लेकर छह महीने तक प्रशिक्षण कोर्स चलते हैं। कुल 216 कोर्स विभिन्न वर्गों के लिए डिजाइन किए गए हैं।
प्रशिक्षुओं को रेल ट्रैक से जुड़ीं प्रत्येक अत्याधुनिक मशीनों के संचालन व रखरखाव के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाता है। रेल पटरियों की सेहत देखने, उनमें आई तकनीकी खराबी पहचानने, उसे दूर करने, विशेषज्ञ के रूप में परामर्श देने में यह प्रशिक्षु अपने प्रशिक्षण के ज्ञान का उपयोग करते हैं।
वर्तमान में यहां 300 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला हॉस्टल है, जिसे इस वर्ष 600 प्रशिक्षुओं के लिए विस्तारित किया जाएगा। इससे प्रशिक्षण की वार्षिक क्षमता 4,000 से बढ़कर 8,000 हो जाएगी। बता दें ट्रैक मशीन क्षेत्र से जुड़े रेलकर्मी को प्रत्येक तीन वर्ष में एक कोर्स करने के लिए यहां भेजा जाता है। वर्तमान में मांग के अनुरूप आधी संख्या में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं के विस्तार के बाद यह संख्या दोगुनी हो जाएगी।
इसके अलावा भूटान से यहां प्रशिक्षु आएंगे। दरअसल, भारत और भूटान के बीच तकरीबन 70 किमी लंबा एक रेल लिंक बन रहा है। रेल ट्रैक बिछने के बाद ट्रैक मशीनों के संचालन, रखरखाव का प्रशिक्षण प्रयागराज में दिया जाएगा।
दुनिया में सिर्फ तीन प्रशिक्षण केंद्र
प्रयागराज के अलावा ट्रैक मशीन प्रशिक्षण केंद्र ऑस्ट्रिया के लिंज और युनाइटेड किंगडम के वाटरफोर्ड में भी है। बता दें प्रयागराज स्थित प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ 17 मई 1984 को तत्कालीन सदस्य इंजीनियरिंग रेलवे बोर्ड टीएन रामचंद्रन ने किया था।
आईआरटीएमटीसी देश का एकमात्र प्रशिक्षण केंद्र है। यहां तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वैश्विक स्तर पर भी इस केंद्र की विशिष्ट पहचान है। यहां हॉस्टल की क्षमता बढ़ाई जा रही है। ऑडिटोरियम भी बेहतर किया जाएगा। - शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे