Iran Israel War : मिसाइल गिरने पर हिल जाती है धरती, लगते हैं भूकंप जैसे झटके, बंकर में छिपकर बचानी पड़ रही जान
इस्राइल गए श्रमिक अपने परिजनों के लगातार संपर्क में हैं, लेकिन वहां की स्थिति के बारे में नहीं बताते। वीरेंद्र कुमार ने बताया कि घर में माता-पिता के अलावा बड़े भाई हैं। अभी शादी नहीं हुई है। उनकी परिवार वालों से रोजाना बात होती है, लेकिन माता-पिता को यहां के बारे में नहीं बताते।
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ईरान की ओर से मिसाइल दागे जाने के बाद इस्राइल गए श्रमिक दहशत में हैं। मंगलवार को उन्हें रह रहकर भूकंप के झटकों जैसा अहसास हुआ। मिसाइल गिरने पर आसपास की धरती कांप जाती। येरूशलम गए श्रमिकों ने बंकर में छिपकर जान बचाई। उन्हें हर समय अलर्ट रहने के लिए भी कहा गया है।
कनिहार चकिया के विरेंद्र चार महीने पहले ही वहां गए हैं। येरूशलम में एक फैक्टरी में कार्यरत वीरेंद्र के साथ प्रयागराज के शिवगोपाल दुबे भी गए हैं। वीरेंद्र ने बताया कि उनके घर व कारखाना से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर कई मिसाइलें गिरीं। ईरान की ज्यादातर मिसाइलें हवा में ही रह गईं, लेकिन कई के आसपास के इलाकों में गिरने से तेज धमाका हुआ।
इन मिसाइलों से उन्हें या अन्य साथी को किसी तरह का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन हर धमाके बाद धरती कांप जाती। लगता है जैसे भूकंप के झटके लग रहे हैं। वीरेंद्र ने बताया कि एक बड़े से फ्लैट में उत्तर प्रदेश के लोग रखे गए हैं। उससे 50 मीटर की दूरी पर कई बंकर हैं। इसके अलावा कारखाना से कुछ कदम पर ही बंकर हैं।
हमला होने पर मोबाइल पर मैसेज आता है। इसके बाद अलार्म भी बजता है। इसके 10 मिनट के भीतर सभी लोग बंकर में पहुंच जाते हैं। वीरेंद्र के साथ शिवगोपाल ने भी इसी तरह की बातें बताईं। शिवगोपाल ने बताया कि बुधवार को स्थिति सामान्य रही। त्योहार की वजह से चार दिनों की छुट्टी है,लेकिन सामान्य तौर पर कंपनी जाना होता है। युद्ध का उस पर कोई फर्क नहीं है। बस चेतावनी वाला मैसेज आने पर बंकर में चले जाते हैं।
हनुमानगंज के मोतिहा गांव के मेवालाल इजराइल के तेलवी शहर में रहते हैं। उनके अपार्टमेंट में प्रदेश के 300 से अधिक श्रमिक रह रहे हैं। मेवालाल के अनुसार लगातार मिसाइलें ऊपर आती हैं, लेकिन अभी तक गिरी नहीं हैं। अभी तक बंकर में भी जाने की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन लोगों को हमेशा सतर्क रहने के लिए कहा गया है। मेवालाल ने बताया कि इजराइल में चार महीने हो गए हैं। युद्ध की बातें सुनकर शुरू में डर लगता था, लेकिन अब आदत सी हो गई है।
साथ में रह रहे गाजीपुर के हरेंद्र ने कहा कि ईरान के हमले के दौरान मिसाइलें आसमान में दिखीं थीं, लेकिन स्थिति सामान्य है। सभी को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। वीरेंद्र, मेवालाल ने बताया कि प्रयागराज के जशवंत, लवकुश, दीपक, श्याम मौर्या, पवन पटेल आदि अलग-अलग शहर में रह रहे हैं। सभी लोग सुरक्षित हैं। सभी लोग लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं।
परिजनों के लगातार संपर्क में, लेकिन नहीं दी पूरी जानकारी
इस्राइल गए श्रमिक अपने परिजनों के लगातार संपर्क में हैं, लेकिन वहां की स्थिति के बारे में नहीं बताते। वीरेंद्र कुमार ने बताया कि घर में माता-पिता के अलावा बड़े भाई हैं। अभी शादी नहीं हुई है। उनकी परिवार वालों से रोजाना बात होती है, लेकिन माता-पिता को यहां के बारे में नहीं बताते। उन्हें टीवी से जानकारी हुई है, लेकिन यहां से बताया जाता है कि यहां सब ठीक है। सिर्फ भाई को हर स्थिति के बारे में जानकारी देते हैं। मेवालाल ने बताया कि उनकी पत्नी है। पत्नी से रोजाना बात होती है। उसे यहां की स्थिति के बारे में पता भी है, लेकिन कुछ नहीं किया जा सकता। हरेंद्र, शिवगोपाल का भी कहना था कि परिवारवालों से नियमित तौर पर बात होती है। इसके अलावा वे लोग श्रम विभाग के अफसरों के भी लगातार संपर्क में रहते हैं।
खतरा कहां नहीं है, काम पूरा होने पर भी भारत लौटेंगे
ईरान के हमले के बाद इस्राइल गए श्रमिकों में दहशत तो है, लेकिन वे आने के लिए तैयार नहीं हैं। मेवालाल एवं हरेंद्र कहते हैं कि खतरा कहां नहीं है। शुरू में धमाकों से डर लगता था, लेकिन अब आदत सी हो गई है। मंगलवार को ईरान के हमले के बाद खतरा बढ़ा है, लेकिन कहां जाएंगे। येरूशलम में रह रहे वीरेंद्र का कहना है कि ईरान के हमले के बाद बहुत दहशत है, लेकिन क्या किया जा सकता है।
रोजगार के लिए परिवार छोड़कर आए हैं। वीरेंद्र ने कहा कि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। वहीं, पिछले महीने ही इजराइल गए मेवालाल पटेल ने कहा कि जो भी चैनल पर दिखाया जा रहा सब हकीकत है। बहुत दहशत की स्थिति है। जो लोग भी इजराइल जाना चाहते हैं, उन्हें सलाह है कि फिलहाल अपने देश में ही रुके रहें। कुछ दिनों बाद माहौल को देखते हुए इजराइल जाने का निर्णय लें।