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हड़ताल पर रहे बीमा सर्वेयर, प्रदर्शन कर मांगा हक
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Insurance surveyor protest news
- फोटो : CITY DESK
प्रस्तावित इंश्योरेंस नीतियों का विरोध, आजाद प्रतिमा के समक्ष दिया धरना
प्रयागराज। इंश्योरेंस रेगुलेशन डेवलपमेंट अथाॅिरटी ऑफ इंडिया इरडा की प्रस्तावित नीतियों के खिलाफ बीमा सर्वेयर तीन दिनी देशव्यापी हड़ताल पर रहे। मंगलवार को आंदोलन के अंतिम दिन बीमा सर्वेयरों ने इरडा के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर प्रस्तावित नीतियों को वापस लेने की मांग उठाई। विरोध में सिविल लाइंस में पंचशील कॉलोनी से आजाद पार्क तक कैंडल मार्च निकाला और आजाद प्रतिमा के समक्ष धरना देकर हक के लिए हुंकार भरी।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंश्योरेंस सर्वेयर के चैप्टर चेयरमैन केके पांडेय ने धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इरडा की गैरकानूनी नीतियों के खिलाफ हस्तक्षेप करे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सर्वेक्षकों के कानूनी प्रावधान 64 यूएम को कुचलने का प्रयास है। इरडा की ओर से प्रस्तावित बीमा विधेयक 2019 पॉलिसी धारकों के हित में नहीं है।
इरडा ईमानदारी से काम करने वाले स्वतंत्र बीमा सर्वेक्षकों के विपरीत निजी इंश्योरेंस कंपनियों का सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में निजी बीमा कंपनियों के हित में 75000 तक का क्षति आंकलन स्वतंत्र सर्वेयरों से न कराकर बीमा कंपनियों के कर्मचारियों से कराने का प्रावधान है। यह निर्णय स्वतंत्र बीमा सर्वेयरों का अहित करेगा। धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च में केके पांडेय के साथ सर्वेयर पीके सिंह, बीए प्रसाद, डीके सिंह, एके शर्मा, पुष्पराज कुशवाहा, एके सिंह आदि शामिल रहे।
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प्रयागराज। इंश्योरेंस रेगुलेशन डेवलपमेंट अथाॅिरटी ऑफ इंडिया इरडा की प्रस्तावित नीतियों के खिलाफ बीमा सर्वेयर तीन दिनी देशव्यापी हड़ताल पर रहे। मंगलवार को आंदोलन के अंतिम दिन बीमा सर्वेयरों ने इरडा के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर प्रस्तावित नीतियों को वापस लेने की मांग उठाई। विरोध में सिविल लाइंस में पंचशील कॉलोनी से आजाद पार्क तक कैंडल मार्च निकाला और आजाद प्रतिमा के समक्ष धरना देकर हक के लिए हुंकार भरी।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंश्योरेंस सर्वेयर के चैप्टर चेयरमैन केके पांडेय ने धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इरडा की गैरकानूनी नीतियों के खिलाफ हस्तक्षेप करे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सर्वेक्षकों के कानूनी प्रावधान 64 यूएम को कुचलने का प्रयास है। इरडा की ओर से प्रस्तावित बीमा विधेयक 2019 पॉलिसी धारकों के हित में नहीं है।
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इरडा ईमानदारी से काम करने वाले स्वतंत्र बीमा सर्वेक्षकों के विपरीत निजी इंश्योरेंस कंपनियों का सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में निजी बीमा कंपनियों के हित में 75000 तक का क्षति आंकलन स्वतंत्र सर्वेयरों से न कराकर बीमा कंपनियों के कर्मचारियों से कराने का प्रावधान है। यह निर्णय स्वतंत्र बीमा सर्वेयरों का अहित करेगा। धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च में केके पांडेय के साथ सर्वेयर पीके सिंह, बीए प्रसाद, डीके सिंह, एके शर्मा, पुष्पराज कुशवाहा, एके सिंह आदि शामिल रहे।
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