प्रयागराज : दरोगा ने कहा जेल भेज देंगे, नाबालिग छात्र फांसी पर लटका, विवाद के बाद पड़ोसी ने बुलाई थी पुलिस
संतोष कुमार सिंह सेना से रिटायर हैं और वर्तमान में अतर्रा में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनका परिवार धूमनगंज के साकेत नगर में किराये के कमरे में रहता है। घर में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं जिनमें शैल सनी छोटा था। उसने संस्कार इंटरनेशनल स्कूल से इसी महीने 12वीं पास की थी।
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धूमनगंज के साकेत नगर में रहने वाले पूर्व सैनिक के 17 वर्षीय बेटे शैल सनी सिंह ने शुक्रवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। आरोप है कि मोहल्ले के ही कुछ लोगों की ओर से पिटाई किए जाने व जेल भेजने की पुलिस की धमकी से खौफजदा होकर उसने यह कदम उठाया। उधर धूमनगंज पुलिस आरोपों की जानकारी से ही इंकार करती रही।
संतोष कुमार सिंह सेना से रिटायर हैं और वर्तमान में अतर्रा में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनका परिवार धूमनगंज के साकेत नगर में किराये के कमरे में रहता है। घर में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं जिनमें शैल सनी छोटा था। उसने संस्कार इंटरनेशनल स्कूल से इसी महीने 12वीं पास की थी।
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम चार बजे के करीब वह बिना किसी को कुछ बताए स्कॉर्पियो लेकर घर से निकला। कुछ दूर जाने पर गाड़ी अनियंत्रित हो गई और मोहल्ले में ही स्थित एक घर के गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया। मां गुड़िया सिंह का आरोप है कि इसके बाद घर के मालिक ने उसके बेटे को कुछ अन्य लोगों संग मिलकर जमकर पीटा। यही नहीं पुलिस भी बुला ली।
बड़े भाई के साथ थाने उठा ले गई थी पुलिस
जानकारी पर वह बड़े बेटे बॉबी शैल सिंह को लेकर पहुंची और नुकसान भरने की बात कही तब भी वह व्यक्ति मानने को तैयार नहीं हुआ। फिर पुलिस जेल भेजने की धमकी देकर उसे बड़े बेटे समेत थाने उठा ले आई। उधर दहशत के चलते छोटे बेटे ने कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया और फांसी लगाकर जान दे दी। इसकी सूचना मकान मालकिन ने रात आठ बजे के करीब दी तो वह भागते हुए घर पहुंची। किसी तरह दरवाजा खोलकर घरवाले भीतर गए तो बेटा फांसी पर लटका मिला।
सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रात में ही पिता संतोष भी आ गए। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम को परिजनों ने रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। उधर धूमनगंज पुलिस ने आरोपों की जानकारी से ही इंकार किया। प्रभारी इंस्पेक्टर संजय सिंह ने कहा कि छात्र ने फांसी लगाई है। परिजन पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं, ऐसी कोई बात उनके संज्ञान में नहीं आई है।
मां बोली, थाने में दरोगा समेत छह लोगों ने मांगे रुपये
मृतक छात्र की मां गुड़िया ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि मान-मनौव्वल करने के बाद भी पुलिस जबरन उसे व उसके बड़े बेटे को थाने में बैठाए रही। वहां जिस व्यक्ति का गेट क्षतिग्रस्त हुआ वह अपने पांच साथियों संग पहले से मौजूद था। इन सभी ने रुपये मांगे। यहां तक कि दरोगा ने भी रुपयों की मांग की। मां का यह भी आरोप है कि पिटाई से उसका बेटा दहशत में था और उसे चोट भी आई थी। वह थाने में हाथ जोड़कर बेटे की तबियत की दुहाई देकर गुहार लगाती रही कि उसे बेटे के पास जाने दिया जाए। लेकिन पुलिसवाले नहीं माने। जब बेटे की मौत की खबर आई तब उसे व उसके बड़े बेटे को छोड़ा गया।
बड़े भाई की छूट गई परीक्षा
मृतक छात्र का बड़ा भाई बॉबी शैल सिंह बीकॉम का छात्र है। शनिवार को उसकी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा थी। लेकिन छोटे भाई की मौत के बाद वह परीक्षा देने नहीं जा सका। उसने बताया कि पुलिस ने उसे व उसकी मां को छोड़ दिया होता तो शायद उसके भाई की जान बच जाती।