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अमरूद की पैदावार पर एक बार फिर कीटों का हमला
Sun, 01 Aug 2021 10:55 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 01 Aug 2021 10:55 AM IST
सार
अमरूद की पैदावार पर एक बार फिर कीटों ने हमला बोल दिया है। मुश्किल यह कि मौसम की मार की वजह से जाड़े की फसल में भी इनके प्रकोप की आशंका है।
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guava
- फोटो : social media
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विस्तार
अमरूद की पैदावार पर एक बार फिर कीटों ने हमला बोल दिया है। मुश्किल यह कि मौसम की मार की वजह से जाड़े की फसल में भी इनके प्रकोप की आशंका है। किसानों ने जल्द कदम नहीं उठाए तो फसल बर्बाद हो जाएगी तथा शौकीनों को इलाहाबादी अमरूद एक बार फिर दुर्लभ होगा।
खराब मौसम की वजह से समय से पहले अमरूद के फल लगने लगे हैं। इससे फल कीट का प्रकोप बढ़ गया है। खुसरोबाग के मुख्य उद्यान वैज्ञानिक डॉ. केएम चौधरी का कहना है कि ठंड के सीजन में लगने वाले फल पर भी इसका दुष्प्रभाव होगा। इससे पूरी फसल के बर्बाद होने की आशंका है। पिछले वर्ष भी फल कीट की वजह से अमरूद की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी।
इससे बागवानों के साथ वैज्ञानिकों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी वीके सिंह ने भी अमरूद में लगने वाली इस बीमारी के प्रति किसानों को आगाह किया है। उन्होंने फल मक्खी पर नियंत्रण के लिए अमरूद उत्पादक प्वाइजन वेट तैयार करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि फेरोमोन ट्रैप की मदद से भी इन मक्खियों पर नियंत्रण किया जा सकता है।
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अमरूद का उत्पादन बढ़ाने की दी गई जानकारी
औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग की ओर से मूरतगंज के महगांव ग्राम में अमरूद फसल में पोषण प्रबंधन एवं कीट व्याधि नियंत्रण विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। विशेषज्ञों ने किसानों को फल मक्खी से फलों के बचाव के बारे में बताया। उन्होंने उत्पादन बढ़ाने के बारे में भी जानकारी दी।
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खराब मौसम की वजह से समय से पहले अमरूद के फल लगने लगे हैं। इससे फल कीट का प्रकोप बढ़ गया है। खुसरोबाग के मुख्य उद्यान वैज्ञानिक डॉ. केएम चौधरी का कहना है कि ठंड के सीजन में लगने वाले फल पर भी इसका दुष्प्रभाव होगा। इससे पूरी फसल के बर्बाद होने की आशंका है। पिछले वर्ष भी फल कीट की वजह से अमरूद की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी।
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इससे बागवानों के साथ वैज्ञानिकों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी वीके सिंह ने भी अमरूद में लगने वाली इस बीमारी के प्रति किसानों को आगाह किया है। उन्होंने फल मक्खी पर नियंत्रण के लिए अमरूद उत्पादक प्वाइजन वेट तैयार करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि फेरोमोन ट्रैप की मदद से भी इन मक्खियों पर नियंत्रण किया जा सकता है।
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अमरूद का उत्पादन बढ़ाने की दी गई जानकारी
औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग की ओर से मूरतगंज के महगांव ग्राम में अमरूद फसल में पोषण प्रबंधन एवं कीट व्याधि नियंत्रण विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। विशेषज्ञों ने किसानों को फल मक्खी से फलों के बचाव के बारे में बताया। उन्होंने उत्पादन बढ़ाने के बारे में भी जानकारी दी।