इंदिरा मैराथन : इंदिरा के नाम पर मैराथन, बैनर से उन्हीं की तस्वीर गायब, बना रहा चर्चा का विषय
मंच के पीछे लगे बड़े से बैनर और स्टेडियम में जगह-जगह लगे बैनर में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव की तस्वीर ही नजर आई।
विस्तार
मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में आयोजित 37वीं अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे शहर के खेल प्रेमियों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय रहा कि जिसके नाम पर यह मैराथन आयोजित की जा रही है, उसकी तस्वीर कहां है।
मंच के पीछे लगे बड़े से बैनर और स्टेडियम में जगह-जगह लगे बैनर में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव की तस्वीर ही नजर आई। न सिर्फ आयोजन स्थल, बल्कि शहर में इंदिरा मैराथन को लेकर जगह-जगह लगाए गए पोस्टर-बैनर में भी यह कमी नजर आई। कोविड के कारण वर्ष 2020 में इंदिरा मैराथन का आयोजन नहीं किया जा सका था।
बीते वर्ष हुई मैराथन में भी धावकों और मैराथन के लिए कोई घोषणा नहीं की गई थी। इस बार हुई मैराथन को लेकर भी शहर के खेल प्रेमी उत्साहित थे। उन्हें उम्मीद थी कि खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे तो मैराथन को कुछ न कुछ देकर ही जाएंगे। मंत्री ने समारोह के दौरान मंच पर रखे इंदिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया, लेकिन मैराथन के लिए कोई घोषणा नहीं की।
मैराथन में धावकों की संख्या कम होने के पीछे भी यही वजह मानी जा रही है। बीते वर्ष के मुकाबले इस बार धावकों की संख्या कम रही। साथ ही इस बार प्रायोजकों की संख्या भी काफी सीमित रही, जबकि पूर्व के मैराथन में पूरा स्टेडियम प्रायोजकों के पोस्टर-बैनर से पटा रहता था। कई धावकों का कहना था कि महंगाई के इस दौर में पुरस्कार राशि बढ़ाए जाने की जरूरत है। खेल विभाग और सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।