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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   In two years, cousins set up a digital fraud factory; Manish joined the gang in 2024.

Fraud : दो साल में ममेरे भाइयों ने खड़ी कर ली ठगी की डिजिटल फैक्टरी, 2024 में गिरोह में शामिल हो गया था मनीष

Fri, 27 Mar 2026 07:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 27 Mar 2026 07:02 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट की हूबहू नकल तैयार कर छात्रों को फर्जी मार्कशीट और डिग्री बेचने वाले संगठित गिरोह का सरगना शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा आईटी एक्सपर्ट है।

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In two years, cousins set up a digital fraud factory; Manish joined the gang in 2024.
Cyber Fraud - फोटो : Freepik

विस्तार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट की हूबहू नकल तैयार कर छात्रों को फर्जी मार्कशीट और डिग्री बेचने वाले संगठित गिरोह का सरगना शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा आईटी एक्सपर्ट है। 2014 में दिल्ली के एक कॉलेज से बीएससी आईटी करने के बाद शशि कॉल सेंटर संचालित कर इस प्रकार के काले कारनामों में संलिप्त हो गया। वर्ष 2024 में अपने ममेरे भाई मनीष कुमार राय के साथ मिलकर सिर्फ दो साल में ही उसने ठगी की एक डिजिटल फैक्टरी खड़ी कर ली।

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बृहस्पतिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीसीपी गंगानगर नोडल साइबर क्राइम कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि आरोपी शशि प्रकाश आजमगढ़ के सिपाह इलाके में किराये के कमरे में कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। यहीं से सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर नंबर बढ़वाने और फर्जी मार्कशीट बनवाने के विज्ञापन देकर छात्रों को जाल में फंसाया जाता था।
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शशि प्रकाश राय बीएससी आईटी पास है और तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल कर उसने यूपी बोर्ड की असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट तैयार की। इस वेबसाइट के जरिये छात्रों और अभिभावकों का भरोसा जीता जाता था।
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वहीं, उसका ममेरा भाई मनीष कुमार 12वीं फेल है। वह कॉल सेंटर के काम संभालता था और ग्राहकों से संपर्क कर सौदा तय करता था। पुलिस का मानना है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क के विस्तार की जांच की जा रही है।


राजन गुरु के नाम से चर्चित है शशि प्रकाश

पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य प्रदेशों में सक्रिय यह गिरोह अब तक सात हजार से अधिक छात्रों और उनके अभिभावकों को फर्जी मार्कशीट बेच चुका है। लोग शशि प्रकाश को राजन गुरु के नाम से जानते हैं। पुलिस ने बताया कि पकड़े जाने के बाद दोनों नामों में जब फर्क पूछा गया तो आरोपी ने बताया कि किसी को उसके असली नाम के बारे में पता न चले इसके लिए उसने अपना नाम राजन शर्मा भी रख लिया था। मार्कशीट और डिग्री लेने वाले लोग उसे राजन शर्मा के नाम से ही जानते थे।

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