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अंतिम दौर में भी केंद्र बनाने का दबाव, कैसे रुकेगी नकल
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 12 Feb 2015 11:35 PM IST
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शासन की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश हैं कि इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल पर नियंत्रण होना चाहिए, लेकिन परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में जिस कदर गड़बड़ियां हैं, उससे इसकी संभावना कम ही है। आलम ये है कि परीक्षा शुरू होने के सप्ताह भर पहले तक केंद्रों की अंतिम संख्या कोई बताने को तैयार नहीं है, जबकि इस काम को बोर्ड को नवंबर में ही पूरा कर लेना चाहिए था। बोर्ड के सूत्रों की मानें तो माननीयों के दबाव में कई वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया जा सकता है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 19 फरवरी से शुरू हो रही हैं।
बोर्ड की ओर से परीक्षा केन्द्रों को लेकर अंतिम फैसला लेने में देरी के कारण कुछ विद्यालयों के प्रबंधन अभी भी केन्द्र बनाए जाने की आस लगाए हुए हैं। शासन की ओर से तय गाइड लाइन को लचीला बनाकर दागी और डिबार विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाए जाने के निर्णय से बड़ी संख्या में दूसरे विद्यालयों के प्रबंधन की ओर से शासन एवं बोर्ड से गुहार लगाकर केन्द्र बनाने की मांग की गई है। बोर्ड की ओर से यदि अंतिम दौर में परीक्षा केन्द्र बनाया गया तो इन पर नकल रोका बोर्ड एवं प्रशासन के लिए कठिन चुनौती होगी।
बोर्ड के अधिकारी मानते हैं कि कुछ वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधन परीक्षा केन्द्र नहीं बनाए जाने पर शासन एवं सरकार में अपने संपर्क के जरिए केन्द्र बनवाने पर लगे हैं। ऐसे में परीक्षा केन्द्रों को लेकर बदलाव की संभावना बनी हुई है। बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि परीक्षा केन्द्र बनाने को लेकर शासन से लेकर कई माननीयों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश चल रही है। यूपी बोर्ड की ओर से 2014 की बोर्ड परीक्षा में भी अंतिम समय में 70 से अधिक परीक्षा केन्द्र राजनीतिक दबाव में बनाए गए थे।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 19 फरवरी से शुरू हो रही हैं।
बोर्ड की ओर से परीक्षा केन्द्रों को लेकर अंतिम फैसला लेने में देरी के कारण कुछ विद्यालयों के प्रबंधन अभी भी केन्द्र बनाए जाने की आस लगाए हुए हैं। शासन की ओर से तय गाइड लाइन को लचीला बनाकर दागी और डिबार विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाए जाने के निर्णय से बड़ी संख्या में दूसरे विद्यालयों के प्रबंधन की ओर से शासन एवं बोर्ड से गुहार लगाकर केन्द्र बनाने की मांग की गई है। बोर्ड की ओर से यदि अंतिम दौर में परीक्षा केन्द्र बनाया गया तो इन पर नकल रोका बोर्ड एवं प्रशासन के लिए कठिन चुनौती होगी।
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बोर्ड के अधिकारी मानते हैं कि कुछ वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधन परीक्षा केन्द्र नहीं बनाए जाने पर शासन एवं सरकार में अपने संपर्क के जरिए केन्द्र बनवाने पर लगे हैं। ऐसे में परीक्षा केन्द्रों को लेकर बदलाव की संभावना बनी हुई है। बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि परीक्षा केन्द्र बनाने को लेकर शासन से लेकर कई माननीयों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश चल रही है। यूपी बोर्ड की ओर से 2014 की बोर्ड परीक्षा में भी अंतिम समय में 70 से अधिक परीक्षा केन्द्र राजनीतिक दबाव में बनाए गए थे।
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