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इच्छा शक्ति के अभाव में महिला आरक्षण पर फैसला नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 22 May 2015 02:31 AM IST
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इलाहाबाद। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक संसद एवं विधानसभाओं में महिला आरक्षण पर सरकारों की इच्छाशक्ति के अभाव में पास नहीं हो रहा है। 1991 से इस विधेयक को लेकर लगातार अडंगेबाजी जारी है, उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधेयक की कमियों को दूर कर दिया गया है तो आखिरकार इस विधेयक को लागू करने में देरी कहां है।
राज्यपाल राम नाईक बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से महिलाओं द्वारा मानवाधिकार के लिए सामाजिक संघर्ष, महिला सशक्तिकरण चुनौतियां संभावनाएं विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपनी बात रखते हुए यह सवाल उठाए।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान राज्यपाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जनांदोलन की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने काम के प्रति अधिक जिम्मेदार होती हैं, उन्होंने मानवाधिकार आयोग को अधिक सक्रिय करने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि आज समाज भ्रष्टाचार से ग्रस्त है, महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा कम भ्रष्ट हैं। उन्होंने महिला अधिकारों के लिए अपनी ओर से किए गए कई संस्मरण सुनाए। इसमें मुम्बई में महिला ट्रेन की शुरुआत के साथ मां का दूध बच्चे के सर्वोत्तम ह, जैसे स्लोगन को अनिवार्य करना बताया।
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विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति सखाराम सिंह ने कहा कि आज महिलाओं को अपनी छिपी शक्ति को जागृत करना होगा। उन्होंने महिलाओं के लिए शालीन लिबास की वकालत की। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी होगा जब महिलाएं अपनी शक्ति को पहचाने। उन्होंने महिलाओं को विज्ञापन की वस्तु से बचने की सलाह दी। उन्होंने महिला आरक्षण में कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था की वकालत की। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने गोष्ठी में आए अतिथियों का स्वागत करने के साथ स्पष्ट किया कि आज मानवाधिकार को लेकर समाज में जागरूकता आई है। महिलाएं भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
गोष्ठी के समन्वयक डॉ. एमएन सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, गोष्ठी की जानकारी आयोजन सचिव डॉ. इति तिवारी ने दी। संचालन डॉ. एचसी जायसवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन रजिस्ट्रार डीपी त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, पूर्वांचल विवि के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. आरपी मिश्र, डॉ. नरेन्द्र सिंह गौर, जापान से आए डॉ. आकाश के ओची, प्रो. एचके शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।
राज्यपाल राम नाईक ने मुक्त विवि की ओर से स्थापित चर्खा प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ यह घोषणा की कि इसके जरिए गरीब छात्र अपनी फीस जुटा पाएंगे। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने कहा कि चर्खे से ऐसे छात्र-छात्राओं को जोड़ा जा सकेगा जो रोजगार के साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। राज्यपाल ने स्वावलंबन के प्रतीक गांधी कक्ष एवं चर्खा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि चर्खा के जरिए तैयार होने वाला खादी वस्त्र गरीब छात्रों को शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी विवि में पहली बार इस प्रकार का प्रयोग किया जा रहा है। यह कौशल विकास की दिशा में बड़ा कदम होगा। राज्यपाल ने शैक्षिक परिसर में लोकमान्य तिलक के नाम पर शास्त्रार्थ सभागार का भी उद्घाटन किया।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत अत्याधुनिक प्रसाधन की आधारशिला
विवि के कुलाधिपति राम नाईक ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत अत्याधुनिक प्रसाधन की आधारशिला रखी। स्वच्छ भारत अभियान के तहत परिसर में आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए दस सीटर प्रसाधन कक्ष के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। यह तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा। राज्यपाल ने इसका निर्माण पूरा होने पर इसके उद्घाटन की बात कही।
राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर याद किया
राज्यपाल राम नाईक ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं होगा, जिसमें मां-बेटे का बलिदान हुआ हो।
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राज्यपाल राम नाईक बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से महिलाओं द्वारा मानवाधिकार के लिए सामाजिक संघर्ष, महिला सशक्तिकरण चुनौतियां संभावनाएं विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपनी बात रखते हुए यह सवाल उठाए।
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राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान राज्यपाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जनांदोलन की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने काम के प्रति अधिक जिम्मेदार होती हैं, उन्होंने मानवाधिकार आयोग को अधिक सक्रिय करने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि आज समाज भ्रष्टाचार से ग्रस्त है, महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा कम भ्रष्ट हैं। उन्होंने महिला अधिकारों के लिए अपनी ओर से किए गए कई संस्मरण सुनाए। इसमें मुम्बई में महिला ट्रेन की शुरुआत के साथ मां का दूध बच्चे के सर्वोत्तम ह, जैसे स्लोगन को अनिवार्य करना बताया।
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विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति सखाराम सिंह ने कहा कि आज महिलाओं को अपनी छिपी शक्ति को जागृत करना होगा। उन्होंने महिलाओं के लिए शालीन लिबास की वकालत की। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी होगा जब महिलाएं अपनी शक्ति को पहचाने। उन्होंने महिलाओं को विज्ञापन की वस्तु से बचने की सलाह दी। उन्होंने महिला आरक्षण में कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था की वकालत की। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने गोष्ठी में आए अतिथियों का स्वागत करने के साथ स्पष्ट किया कि आज मानवाधिकार को लेकर समाज में जागरूकता आई है। महिलाएं भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
गोष्ठी के समन्वयक डॉ. एमएन सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, गोष्ठी की जानकारी आयोजन सचिव डॉ. इति तिवारी ने दी। संचालन डॉ. एचसी जायसवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन रजिस्ट्रार डीपी त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, पूर्वांचल विवि के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. आरपी मिश्र, डॉ. नरेन्द्र सिंह गौर, जापान से आए डॉ. आकाश के ओची, प्रो. एचके शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।
राज्यपाल राम नाईक ने मुक्त विवि की ओर से स्थापित चर्खा प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ यह घोषणा की कि इसके जरिए गरीब छात्र अपनी फीस जुटा पाएंगे। कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने कहा कि चर्खे से ऐसे छात्र-छात्राओं को जोड़ा जा सकेगा जो रोजगार के साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। राज्यपाल ने स्वावलंबन के प्रतीक गांधी कक्ष एवं चर्खा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि चर्खा के जरिए तैयार होने वाला खादी वस्त्र गरीब छात्रों को शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी विवि में पहली बार इस प्रकार का प्रयोग किया जा रहा है। यह कौशल विकास की दिशा में बड़ा कदम होगा। राज्यपाल ने शैक्षिक परिसर में लोकमान्य तिलक के नाम पर शास्त्रार्थ सभागार का भी उद्घाटन किया।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत अत्याधुनिक प्रसाधन की आधारशिला
विवि के कुलाधिपति राम नाईक ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत अत्याधुनिक प्रसाधन की आधारशिला रखी। स्वच्छ भारत अभियान के तहत परिसर में आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए दस सीटर प्रसाधन कक्ष के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। यह तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा। राज्यपाल ने इसका निर्माण पूरा होने पर इसके उद्घाटन की बात कही।
राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर याद किया
राज्यपाल राम नाईक ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं होगा, जिसमें मां-बेटे का बलिदान हुआ हो।